NCR के लिए क्षेत्रीय योजना-2041 के तहत चार ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे

Edited By Updated: 17 Jun, 2026 04:06 PM

four greenfield cities will be developed under the regional plan 2041

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लिए क्षेत्रीय योजना-2041 के तहत समूचे क्षेत्र में संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उच्च गति परिवहन नेटवर्क से जुड़े चार ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे। यह फैसला केंद्रीय आवास एवं शहरी...

नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लिए क्षेत्रीय योजना-2041 के तहत समूचे क्षेत्र में संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उच्च गति परिवहन नेटवर्क से जुड़े चार ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे। यह फैसला केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) की मंगलवार को हुई बैठक में लिया गया। मसौदा योजना में उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में नए आर्थिक और आवासीय केंद्र विकसित कर विकेंद्रीकृत शहरी विकास को बढ़ावा देने की दीर्घकालिक रणनीति का खाका प्रस्तुत किया गया। 

अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) को तीन जोन में विभाजित किए जाने की संभावना है। इसके तहत प्रदूषण संबंधी और अन्य प्रतिबंध केवल दिल्ली तथा उससे सटे केंद्रीय एनसीआर क्षेत्रों में लागू होंगे, जबकि राजधानी से अपेक्षाकृत दूर स्थित जिलों को इन प्रतिबंधों से छूट मिलेगी। एनसीआरपीबी ने हरियाणा के उस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया जिसमें करनाल, जींद, पानीपत, महेंद्रगढ़ और भिवानी जैसे पांच बाहरी जिलों को एनसीआर से बाहर करने की मांग की गई थी। बैठक के बाद लाल ने पत्रकारों को बताया, ''बैठक में चार ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने का फैसला किया गया। इन शहरों को 'नमो नोड्स' कहा जाएगा।'' 

'सिटी नोड' एक ऐसा नियोजित शहरी केंद्र होता है, जो परिवहन नेटवर्क के माध्यम से अन्य शहरों से जुड़ा होता है और जहां आवास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि इन शहरों के लिए 5,000 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि राज्य अपने प्रस्ताव सौंपेंगे और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के माध्यम से इन चार शहरों का चयन किया जाएगा। मंत्री ने बताया कि एनसीआर की मौजूदा आबादी 7.5 करोड़ है और अगले 15 साल में इसके बढ़कर 15 करोड़ होने की उम्मीद है। आने वाले दशकों में यह इलाका अत्यधिक शहरीकृत हो जाएगा; 2031 तक शहरी आबादी लगभग 57 प्रतिशत और 2041 तक लगभग 67 प्रतिशत हो जाएगी। लाल ने कहा कि बैठक में राज्यों ने क्षेत्रीय योजना 2041 के हर पहलू पर चर्चा की। उन्होंने यह भी कहा कि दो महीने बाद एक और बैठक होगी जिसमें इसे अंतिम रूप से घोषित किया जाएगा। 

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्रियों ने बैठक में हिस्सा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में भीड़ कम करने और तेजी से बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करने के दोहरे मकसद को ध्यान में रखते हुए उत्पादक आर्थिक गतिविधियों पर आधारित चार नए ग्रीनफील्ड उपनगर विकसित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि एनसीआरपीबी ने छह पड़ोसी राज्यों में फैले नौ काउंटर मैग्नेट एरिया (सीएमए) की भी पहचान की है। इनमें हिसार, अंबाला, कोटा, जयपुर, पटियाला-राजपुरा, कानपुर-लखनऊ, बरेली, ग्वालियर और देहरादून शामिल हैं। सीएमए ऐसे शहरी केंद्र होते हैं जिन्हें महानगरीय क्षेत्रों पर आबादी के पलायन और आर्थिक दबाव को कम करने के लिए विकसित किया जाता है। 

अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ सालों में यह इलाका भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में आठ प्रतिशत का योगदान देने वाला सबसे बड़ा क्षेत्र बनकर उभरा है। यह देश का एकमात्र और दुनिया के उन चुनिंदा इलाकों में से एक है, जहां मेट्रो रेल, रैपिड रेल और कई एक्सप्रेसवे मौजूद हैं। ये साधन बड़े पैमाने पर लोगों की आवाजाही को बढ़ावा देते हैं और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करते हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस क्षेत्रीय योजना का मकसद एक नए और जीवंत भारत के लिए भविष्य के अनुकूल एनसीआर का विकास करना है। इसके लिए नागरिकों पर केंद्रित ऐसा बुनियादी ढांचों को तैयार किया जाएगा जो सामंजस्यपूर्ण, पर्यावरण के अनुकूल, स्मार्ट और डिजिटल तकनीक पर आधारित हों। साथ ही, इसका लक्ष्य टिकाऊ विकास लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए एक आर्थिक रूप से समृद्ध क्षेत्र का निर्माण करना है।  
 

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!