LPG Shortage: LPG संकट ने बढ़ाई टेंशन, रेस्टोरेंट बंद होने की चेतावनी, टूटे फूड डिलीवरी कंपनियों के शेयर

Edited By Updated: 10 Mar, 2026 12:32 PM

gas shortages threaten the food business shares of these companies plummeting

पश्चिम एशिया में युद्ध जल्द खत्म होने के संकेतों के बाद जहां शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली, वहीं क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) और फूड डिलीवरी से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कमर्शियल एलपीजी की कमी की खबरों के चलते इस सेक्टर के...

बिजनेस डेस्कः पश्चिम एशिया में युद्ध जल्द खत्म होने के संकेतों के बाद जहां शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली, वहीं क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) और फूड डिलीवरी से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कमर्शियल एलपीजी की कमी की खबरों के चलते इस सेक्टर के शेयर दबाव में आ गए।

Jubilant FoodWorks, Devyani International, Swiggy और Zomato से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। रेस्टोरेंट उद्योग को कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई में संभावित बाधा का सामना करना पड़ रहा है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।

रेस्टोरेंट सेक्टर में बढ़ी चिंता

बेंगलुरु, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और दिल्ली के रेस्टोरेंट एसोसिएशनों ने कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई को लेकर चिंता जताई है। कुछ इलाकों में रेस्टोरेंट और होटल बंद होने की नौबत भी आ गई है। खासकर National Restaurant Association of India (NRAI) का कहना है कि कई रेस्टोरेंट्स के पास केवल एक सप्ताह का ही एलपीजी स्टॉक बचा है।

एनआरएआई के मुताबिक अगर सप्लाई में यह समस्या लंबे समय तक बनी रही तो बड़ी संख्या में रेस्टोरेंट्स को या तो बंद करना पड़ सकता है या फिर उन्हें अपने मेन्यू में कटौती करनी पड़ेगी, क्योंकि यह उद्योग बड़े पैमाने पर कमर्शियल एलपीजी पर निर्भर करता है।

फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर भी असर संभव

रेस्टोरेंट बंद होने या उत्पादन घटने की स्थिति में फूड डिलीवरी कंपनियों पर भी असर पड़ सकता है। रेस्टोरेंट्स की संख्या कम होने से ऑर्डर वॉल्यूम और डिलीवरी गतिविधियां घट सकती हैं, जिससे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका है।

सरकार क्या कर रही है?

सरकारी सूत्रों के अनुसार भारत अमेरिका और कनाडा से अतिरिक्त एलपीजी सप्लाई हासिल करने की कोशिश कर रहा है। Ministry of Petroleum and Natural Gas ने बताया कि फिलहाल फ्यूल सप्लाई पर किसी प्रकार की रोक लगाने की कोई योजना नहीं है।

सरकार ने रेस्टोरेंट और ऑटो सेक्टर की ईंधन जरूरतों का आकलन करने के लिए एक पैनल भी बनाया है, ताकि जरूरत पड़ने पर इन क्षेत्रों को भी एलपीजी उपलब्ध कराई जा सके। हालांकि सरकार की प्राथमिकता घरेलू उपयोग और सीएनजी सप्लाई को बनाए रखना है।

क्यों पैदा हुआ भ्रम?

उद्योग संगठनों के मुताबिक यह स्थिति 5 मार्च को जारी एक सरकारी आदेश के बाद बनी, जिसमें तेल कंपनियों से घरेलू एलपीजी सप्लाई को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया था। Federation of Hotel and Restaurant Associations of India (FHRAI) का कहना है कि आदेश की भाषा को लेकर डिस्ट्रीब्यूटर्स में भ्रम पैदा हो गया, जिसके चलते कुछ सप्लायर्स ने कमर्शियल एलपीजी की डिलीवरी रोक दी।

बेंगलुरु के होटल एसोसिएशन के मुताबिक 9 मार्च से कई जगहों पर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई बंद हो गई है, जबकि इससे पहले तेल कंपनियों ने करीब 70 दिनों तक निर्बाध आपूर्ति का आश्वासन दिया था।
 

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