Bullion Market: सर्राफा बाजार में लौटी रौनक, सोना-चांदी दोनों की कीमतों में उछाल

Edited By Updated: 11 Jul, 2026 10:21 AM

gold rises by 400 silver strengthens by 5 000

राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 400 रुपए बढ़कर 1,48,500 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई। वहीं चांदी की कीमत में 5,000 रुपएका उछाल आया। तेजी का कारण कारोबारियों के नीचे मूल्य पर लिवाली और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी रुख के बाद कीमती धातुओं...

बिजनेस डेस्कः राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 400 रुपए बढ़कर 1,48,500 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई। वहीं चांदी की कीमत में 5,000 रुपएका उछाल आया। तेजी का कारण कारोबारियों के नीचे मूल्य पर लिवाली और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी रुख के बाद कीमती धातुओं की मांग में आई तेजी थी। इससे पहले के सत्र में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,48,100 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी ने भी लगातार तीन सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला तोड़ा और बृहस्पतिवार के 2,32,000 रुपए प्रति किलोग्राम के बंद स्तर से 5,000 रुपए बढ़कर 2,37,000 रुपए प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) पर पहुंच गई। 

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कारोबारियों का कहना है कि यह सुधार डॉलर सूचकांक के लगातार तीसरे सत्र में कमजोर होने की वजह से आया, जिससे कीमती धातुओं की मांग बढ़ी। साथ ही, इस हफ्ते की शुरुआत में सोने की कीमत एक हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने कम कीमतों का फायदा उठाते हुए लिवाली की। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा, ''शुक्रवार को सोने की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई क्योंकि कमजोर अमेरिकी डॉलर और कम कीमत पर खरीदारी ने कारोबारी धारणा को सहारा दिया, जबकि इस हफ्ते की शुरुआत में सर्राफा की कीमत एक सप्ताह के निचले स्तर पर रह गई थी।'' 

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अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, हाजिर सोना 17.57 डॉलर यानी 0.43 प्रतिशत टूटकर 4,106.25 डॉलर प्रति औंस रह गया और चांदी लगभग एक प्रतिशत टूटकर 59.54 डॉलर प्रति औंस रही। मिराए एसेट शेयरखान में जिंस मामलों के प्रमुख, प्रवीण सिंह ने कहा, ''हाजिर सोना की कीमत स्थिर बनी हुई है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें फिर से पटरी पर आती दिख रही हैं।'' बाजार प्रतिभागी अगले सप्ताह आने वाले अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। इससे फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों के रुख के बारे में संकेत मिलने की संभावना है। 

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