Strait of Hormuz बंद हुआ तो दुनिया में मचेगा हाहाकार, तेल से शेयर बाजार तक बड़ा संकट!

Edited By Updated: 13 Apr, 2026 05:33 PM

if the strait of hormuz closes global chaos will ensue a major crisis

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर चिंता गहराती जा रही है। यह संकरा समुद्री रास्ता Persian Gulf और Gulf of Oman को जोड़ता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की लाइफलाइन माना जाता है।

बिजनेस डेस्कः पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर चिंता गहराती जा रही है। यह संकरा समुद्री रास्ता Persian Gulf और Gulf of Oman को जोड़ता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की लाइफलाइन माना जाता है।

करीब 33 किलोमीटर चौड़ा यह जलमार्ग रोजाना लगभग 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आवाजाही का मुख्य रास्ता है। दुनिया के कुल तेल का लगभग 20% और समुद्री तेल व्यापार का 25% इसी मार्ग से गुजरता है। इसके अलावा कतर से निकलने वाला बड़ा LNG निर्यात भी इसी रास्ते से होता है।

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ऐसे में अगर United States और Iran के बीच तनाव बढ़ने से यह मार्ग बंद होता है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर गंभीर रूप से पड़ सकता है। जानिए इसके 5 बड़े खतरे........

1. तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल

सप्लाई में करीब 20% की कमी आने से कच्चे तेल की कीमतों में 30-50% तक उछाल संभव है। इसका सीधा असर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी जैसी ईंधन कीमतों पर पड़ेगा, जिससे भारत जैसे देशों में ईंधन काफी महंगा हो सकता है।

2. वैश्विक महंगाई में तेज बढ़ोतरी

ऊर्जा महंगी होने से ट्रांसपोर्ट, बिजली और रोजमर्रा की वस्तुओं की लागत बढ़ेगी। इससे दुनियाभर में महंगाई तेज हो सकती है और स्टैगफ्लेशन (महंगाई के साथ आर्थिक मंदी) का खतरा पैदा हो सकता है। इसकी वजह से चीन, भारत, जापान, कोरिया जैसे देशों पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा क्योंकि वहां 70-80% तेल इसी रास्ते से आता है।

3. खाद्य संकट की आशंका

तेल और गैस महंगे होने से उर्वरकों की लागत बढ़ेगी, जिससे खेती प्रभावित होगी। फसल उत्पादन घट सकता है और खाद्य कीमतों में तेजी आ सकती है, खासकर गरीब देशों में संकट गहरा सकता है।

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4. ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर

तेल के साथ-साथ LNG, केमिकल्स और अन्य जरूरी सामान की सप्लाई बाधित होगी। शिपिंग रूट बदलने से डिलीवरी में देरी होगी, जिससे उद्योगों पर असर और बेरोजगारी बढ़ सकती है।

5. शेयर बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव

ऊर्जा बाजार में अस्थिरता का असर वैश्विक शेयर बाजारों पर पड़ेगा। निवेशकों की घबराहट से बिकवाली बढ़ सकती है, जिससे बाजार में गिरावट और अनिश्चितता का माहौल बनेगा।
 

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