भारत-जापान शिखर सम्मेलन: अगले 10 साल में 10 लाख करोड़ येन का निवेश लक्ष्य

Edited By Updated: 30 Aug, 2025 01:41 PM

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भारत और जापान के बीच 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा मिली। जापान ने अगले 10 वर्षों में भारत में 10 लाख करोड़ येन (करीब 67 अरब डॉलर) निवेश का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी कंपनियों से "मेक इन...

बिजनेस डेस्कः भारत और जापान के बीच 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा मिली। जापान ने अगले 10 वर्षों में भारत में 10 लाख करोड़ येन (करीब 67 अरब डॉलर) निवेश का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी कंपनियों से "मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड" के तहत निवेश बढ़ाने की अपील की।

बैठक के बाद दोनों देशों ने 21 परिणामों और 13 अहम समझौतों की घोषणा की। इनमें प्रमुख हैं:

  • रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना
  • भारत में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और खनन में जापानी निवेश
  • सेमीकंडक्टर और हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं में साझेदारी
  • जापान में 50,000 भारतीय युवाओं का प्रशिक्षण
  • स्पेस सहयोग – JAXA भारत के चंद्रयान-5 मिशन में मदद करेगी

मोदी ने कहा कि भारत-जापान साझेदारी अब केवल दिल्ली-टोक्यो तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्यों और प्रांतों के स्तर पर भी गहराएगी। हाल में आंध्र प्रदेश-तोयामा, तमिलनाडु-एहिमे और गुजरात-शिजुओका जैसे समझौते हुए हैं।

दोनों देशों ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य, पर्यावरण और लोगों के बीच आदान-प्रदान को सहयोग के नए क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया। इसके अलावा, हाइड्रोजन और अमोनिया परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी।

रणनीतिक मुद्दों पर भारत और जापान ने चीन की आक्रामक गतिविधियों को लेकर चिंता जताई और दक्षिण चीन सागर व पूर्वी चीन सागर में किसी भी "एकतरफा यथास्थिति बदलने" की कोशिश का विरोध किया। साथ ही, दोनों नेताओं ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा भी की।

मोदी ने कहा, “भारत और जापान की साझेदारी सिर्फ हमारे देशों तक सीमित नहीं, बल्कि दुनिया की शांति और विकास में भी योगदान करेगी।”

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