Edited By jyoti choudhary,Updated: 16 Mar, 2026 05:09 PM

अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया सोमवार को 10 पैसे टूटकर 92.40 (अस्थायी) प्रति डॉलर के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर रहा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार धन निकासी से घरेलू मुद्रा में यह गिरावट...
बिजनेस डेस्कः अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया सोमवार को 10 पैसे टूटकर 92.40 (अस्थायी) प्रति डॉलर के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर रहा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार धन निकासी से घरेलू मुद्रा में यह गिरावट आई। हालांकि, विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की उम्मीद और घरेलू शेयर बाजारों में तेजी ने रुपए में बड़ी गिरावट को रोक लिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 92.44 पर खुला और कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 92.47 के अपने अब तक के दिन के कारोबार के सबसे निचले स्तर तक गिर गया। सत्र के अंत में यह 92.40 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 10 पैसे की गिरावट है। इससे पिछले सत्र में भी रुपया 92.47 के निचले स्तर पर पहुंचा था और शुक्रवार को 92.30 पर बंद हुआ था, जो उस समय का रिकॉर्ड निचला स्तर था। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि अमेरिकी डॉलर सूचकांक में हल्की कमजोरी और होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने की उम्मीद से रुपये की गिरावट कुछ हद तक थमी। वहीं इंडसइंड सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक जिगर त्रिवेदी ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के कारण रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब बना रहा।
उन्होंने कहा, ''कच्चे तेल के ऊंचे दामों के कारण आयातकों को ज्यादा डॉलर खरीदने पड़ रहे हैं, जिससे भारत का व्यापार घाटा बढ़ रहा है और व्यापार की शर्तों पर दबाव पड़ रहा है।'' उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मुद्रा को स्थिर रखने और अत्यधिक उतार-चढ़ाव रोकने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया है। इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.13 प्रतिशत घटकर 99.97 पर कारोबार कर रहा था।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.46 प्रतिशत बढ़कर 104.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 938.93 अंक (1.26 प्रतिशत) चढ़कर 75,502.85 अंक पर बंद हुआ, बकि निफ्टी 257.70 अंक (1.11 प्रतिशत) बढ़कर 23,408.80 अंक पर पहुंच गया। सरकार द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में भारत का व्यापार घाटा घटकर 27.1 अरब डॉलर रह गया, जो जनवरी की तुलना में कम है। फरवरी में माल निर्यात 0.81 प्रतिशत घटकर 36.61 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 24.11 प्रतिशत बढ़कर 63.71 अरब डॉलर हो गया। एक साल पहले इसी महीने आयात 51.33 अरब डॉलर था। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 10,716.64 करोड़ रुपए के शेयरों की शुद्ध बिक्री की। चौधरी ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपए का हाजिर भाव 92.10 से 92.75 रुपए के दायरे में कारोबार कर सकता है।