Edited By Mansa Devi,Updated: 26 Mar, 2026 11:00 AM

महाराष्ट्र के नागपुर शहर में इन दिनों सड़कों पर पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी ज्यादा दिख रही है। सोशल मीडिया पर उड़ी एक अफवाह ने लोगों के मन में ऐसा डर बैठाया कि हर कोई अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने के लिए घर से निकल पड़ा।
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र के नागपुर शहर में इन दिनों सड़कों पर पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी ज्यादा दिख रही है। सोशल मीडिया पर उड़ी एक अफवाह ने लोगों के मन में ऐसा डर बैठाया कि हर कोई अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने के लिए घर से निकल पड़ा। आलम यह हुआ कि देखते ही देखते पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। इस बेकाबू भीड़ और ईंधन की 'पैनिक बाइंग' को रोकने के लिए जिला प्रशासन को अब सख्त नियम लागू करने पड़े हैं।
वैश्विक घटनाओं से बढ़ी चिंता अफवाहों ने किया असर
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले की खबरों के बाद वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई। इसी को लेकर नागपुर में भी यह अफवाह फैल गई कि पेट्रोल और डीजल की कमी हो सकती है। हालांकि, इन अफवाहों का कोई ठोस आधार नहीं था, लेकिन लोगों में भय का माहौल बन गया और उन्होंने एहतियात के तौर पर ज्यादा मात्रा में ईंधन भरवाना शुरू कर दिया। इससे स्थिति और अधिक बिगड़ गई।
प्रशासन का स्पष्ट संदेशः ईंधन की कोई कमी नहीं
स्थिति को संभालने के लिए जिला प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ। कलेक्टर विपिन इटांकर ने स्पष्ट किया कि नागपुर जिले में पेट्रोल, डीजल और गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सामान्य है। लोगों को घबराने या अतिरिक्त खरीदारी करने की जरूरत नहीं है।
अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। साथ ही अपनी जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें, ताकि अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति न बने। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अफवाहें अक्सर संकट की स्थिति को और अधिक गंभीर बना देती हैं, इसलिए सतर्क रहना और सही जानकारी पर भरोसा करना बेहद जरूरी है।
स्थिति सामान्य करने की कोशिश जारी
प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा स्थिति को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। लोगों को लगातार समझाया जा रहा है कि ईंधन की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है और घबराने की जरूरत नहीं है। फिलहाल नागपुर में हालात धीरे-धीरे सामान्य होने की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि अफवाहें किस तरह से बड़े स्तर पर असर डाल सकती हैं।