December retail inflation: महंगाई के मोर्चे पर राहत, 4 महीने के निचले स्तर पर रिटेल इन्फ्लेशन

Edited By Updated: 13 Jan, 2025 04:43 PM

india s retail inflation eases to 5 22 in dec from 5 48 in nov

दिसंबर में भारत की खुदरा मुद्रास्फीति हल्की गिरावट के साथ 5.22 प्रतिशत रही, जो नवंबर में 5.48 प्रतिशत थी। यह गिरावट मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी के कारण आई है। एक पोल में दिसंबर में भारत की मुद्रास्फीति 5.3 प्रतिशत रहने का अनुमान...

बिजनेस डेस्कः दिसंबर में भारत की खुदरा मुद्रास्फीति हल्की गिरावट के साथ 5.22 प्रतिशत रही, जो नवंबर में 5.48 प्रतिशत थी। यह गिरावट मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी के कारण आई है। एक पोल में दिसंबर में भारत की मुद्रास्फीति 5.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था।

कैसे प्रभावित करती है? 

महंगाई का सीधा संबंध पर्चेजिंग पावर से है। उदाहरण के लिए यदि महंगाई दर 6% है, तो अर्जित किए गए 100 रुपए का मूल्य सिर्फ 94 रुपए होगा। इसलिए महंगाई को देखते हुए ही निवेश करना चाहिए। नहीं तो आपके पैसे की वैल्यू कम हो जाएगी।

महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? 

महंगाई का बढ़ना और घटना प्रोडक्ट की डिमांड और सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। ज्यादा चीजें खरीदने से चीजों की डिमांड बढ़ेगी और डिमांड के मुताबिक सप्लाई नहीं होने पर इन चीजों की कीमत बढ़ेगी।

इस तरह बाजार महंगाई की चपेट में आ जाता है। सीधे शब्दों में कहें तो बाजार में पैसों का अत्यधिक बहाव या चीजों की शॉर्टेज महंगाई का कारण बनता है। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी।
 

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