Edited By jyoti choudhary,Updated: 23 Jan, 2026 01:48 PM

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) के निवेशकों को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा। दिसंबर तिमाही (Q3FY26) के नतीजे आने के बाद इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। बीएसई पर कंपनी का शेयर इंट्रा-डे कारोबार में करीब 4 फीसदी गिरकर...
बिजनेस डेस्कः देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) के निवेशकों को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा। दिसंबर तिमाही (Q3FY26) के नतीजे आने के बाद इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। बीएसई पर कंपनी का शेयर इंट्रा-डे कारोबार में करीब 4 फीसदी गिरकर 4,724 रुपए के निचले स्तर तक फिसल गया। कमजोर मुनाफे के आंकड़ों ने बाजार की उम्मीदों को झटका दिया।
मुनाफे में 78% की भारी गिरावट
इंटरग्लोब एविएशन ने दिसंबर तिमाही में 550 करोड़ रुपए का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के 2,449 करोड़ रुपए के मुकाबले करीब 78 फीसदी कम है। कंपनी के मुताबिक, मुनाफे में यह गिरावट असाधारण खर्चों की वजह से हुई है।
इन खर्चों में नए श्रम कानूनों से जुड़े 969 करोड़ रुपए, ऑपरेशनल डिसरप्शन के कारण 577 करोड़ रुपए और डॉलर से जुड़ी देनदारियों पर करेंसी मूवमेंट का 1,035 करोड़ रुपए का असर शामिल है।
असाधारण खर्च हटाने पर मजबूत प्रदर्शन
कंपनी ने साफ किया कि अगर इन असाधारण मदों और फॉरेक्स असर को हटाया जाए, तो तिमाही में उसका ऑपरेशनल प्रदर्शन मजबूत रहा। इन सभी प्रभावों को हटाने के बाद इंडिगो का अंडरलाइंग नेट प्रॉफिट 3,131 करोड़ रुपए रहा, जबकि PAT 3,846 करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंचा।
तिमाही आधार पर मजबूत रिकवरी
सितंबर तिमाही (Q2FY26) में 2,582 करोड़ रुपये का घाटा झेलने के बाद इंडिगो ने दिसंबर तिमाही में जोरदार वापसी की। कंपनी का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 26 फीसदी बढ़कर 24,500 करोड़ रुपए हो गया। हालांकि, मुनाफे के मार्जिन पर दबाव बना रहा और PAT मार्जिन घटकर 2.3 फीसदी रह गया, जो एक साल पहले 11.1 फीसदी था।
ऑपरेशनल चुनौतियां बनीं चुनौती
इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने बताया कि 3 से 5 दिसंबर के बीच बड़े पैमाने पर ऑपरेशनल डिसरप्शन हुए, जिसके चलते कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और यात्रियों को असुविधा हुई। इसके बावजूद कंपनी ने तिमाही में करीब 3.2 करोड़ यात्रियों को सफर कराया।