Edited By jyoti choudhary,Updated: 24 Jan, 2026 10:51 AM

भारतीय शेयर बाजार में इस बार लगातार तीन दिनों तक कोई कारोबार नहीं होगा। शुक्रवार 23 जनवरी को तेज बिकवाली और भारी गिरावट के बाद बाजार में अब तीन दिन की शांति रहेगी। शनिवार और रविवार के साप्ताहिक अवकाश के बाद सोमवार 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के कारण...
बिजनेस डेस्कः भारतीय शेयर बाजार में इस बार लगातार तीन दिनों तक कोई कारोबार नहीं होगा। शुक्रवार 23 जनवरी को तेज बिकवाली और भारी गिरावट के बाद बाजार में अब तीन दिन की शांति रहेगी। शनिवार और रविवार के साप्ताहिक अवकाश के बाद सोमवार 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के कारण शेयर बाजार बंद रहेगा।
गणतंत्र दिवस के मौके पर सिर्फ इक्विटी मार्केट ही नहीं, बल्कि कमोडिटी मार्केट भी पूरी तरह बंद रहेगा। इस दिन कमोडिटी में इवनिंग सेशन में भी कोई कारोबार नहीं होगा। शुक्रवार को बाजार में जबरदस्त दबाव देखने को मिला था। सेंसेक्स 769.67 अंक यानी 0.94% टूटकर 81,537.70 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 241.25 अंक यानी 0.95% की गिरावट दर्ज की गई और यह 25,048.65 के स्तर पर बंद हुआ।
मंगलवार को दिख सकती है जबरदस्त हलचल
तीन दिन की ब्रेक के बाद मंगलवार को बाजार खुलते ही तेज हलचल देखने को मिल सकती है। इसकी सबसे बड़ी वजह डेरिवेटिव्स एक्सपायरी है। आमतौर पर एक्सपायरी के दिन बाजार में उतार-चढ़ाव तेज रहता है लेकिन इस बार मंगलवार को एक्सपायरीज की 'बाढ़' रहने वाली है।
इस दिन एनएसई के पांच प्रमुख इंडेक्स—निफ्टी 50, निफ्टी बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट और निफ्टी नेक्स्ट 50—के मंथली डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी होगी। इसके साथ ही एनएसई के 208 स्टॉक्स के फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) कॉन्ट्रैक्ट्स भी एक्सपायर होंगे।
इस हफ्ते बाजार का हाल
घरेलू शेयर बाजार के लिए यह कारोबारी हफ्ता काफी कमजोर रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही पांच कारोबारी दिनों में करीब ढाई फीसदी टूट गए, जबकि इससे पहले वाला हफ्ता लगभग सपाट रहा था।
इस हफ्ते की बिकवाली के चलते बीएसई पर निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹16.28 लाख करोड़ की गिरावट आई। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर ₹451.56 लाख करोड़ रह गया।
क्यों मचा बाजार में हाहाकार?
बाजार पर दबाव की कई वजहें रहीं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजे, रुपए की रिकॉर्ड गिरावट और वैश्विक अनिश्चितताओं ने निवेशकों की धारणा को झटका दिया। इस महीने अब तक एफआईआई सिर्फ 2 जनवरी को ही नेट खरीदार रहे लेकिन उस दिन भी उनकी शुद्ध खरीद सिर्फ ₹289.80 करोड़ रही। इसके उलट जनवरी में अब तक एफआईआई कुल ₹40,704.39 करोड़ की नेट बिकवाली कर चुके हैं।
हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को संभालने की कोशिश की। डीआईआई ने इस महीने अब तक ₹54,822.71 करोड़ की नेट खरीदारी की है और जनवरी में एक भी दिन वे नेट सेलर नहीं रहे।
रुपए की कमजोरी भी चिंता का बड़ा कारण बनी हुई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार 91.99 के स्तर तक फिसल गया। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं, खासकर ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।