Edited By jyoti choudhary,Updated: 02 Mar, 2026 12:40 PM

ईरान पर अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई के बाद वैश्विक बाजारों में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। इसका सबसे बड़ा असर पाकिस्तान के शेयर बाजार पर पड़ा, जहां सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेज गिरावट दर्ज की गई।
बिजनेस डेस्कः ईरान पर अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई के बाद वैश्विक बाजारों में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। इसका सबसे बड़ा असर पाकिस्तान के शेयर बाजार पर पड़ा, जहां सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेज गिरावट दर्ज की गई।
कराची स्टॉक एक्सचेंज के KSE-30 Index में करीब 10 फीसदी तक की गिरावट आई, जो एक दिन में आई बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है। तेज बिकवाली के चलते बाजार में घबराहट बढ़ गई और हालात को देखते हुए ट्रेडिंग को एक घंटे के लिए रोकना पड़ा।
पिछले सत्र में इंडेक्स 168,062.17 अंक पर बंद हुआ था लेकिन सोमवार को यह फिसलकर 152,916.77 अंक तक पहुंच गया। भारतीय समयानुसार सुबह 11:30 बजे तक यह 10,371.24 अंक यानी 6.17 फीसदी टूटकर 157,690.93 अंक पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले शुक्रवार को KSE-100 Index में भी करीब 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन अफगानिस्तान सीमा पर तनाव के कारण बाजार दबाव में रहा, हालांकि बाद में कुछ रिकवरी देखने को मिली थी।
दुनिया भर के बाजारों पर असर
पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के खतरे और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर वैश्विक शेयर बाजारों पर भी दिखा। भारत में BSE Sensex प्री-ओपन में करीब 6,800 अंक तक लुढ़क गया और बाजार 2,700 अंकों की गिरावट के साथ खुला।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही। Tokyo Stock Exchange और Korea Exchange में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, अमेरिका में भी फ्यूचर्स ट्रेड में करीब एक फीसदी की कमजोरी देखने को मिली।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव और बढ़ता है तथा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी रह सकती है।