LPG Booking Rules Changed: LPG बुकिंग नियम बदले, लिया गया ये बड़ा फैसला

Edited By Updated: 13 Mar, 2026 12:13 PM

lpg booking rules changed no longer 25 days here is how long

वैश्विक आपूर्ति में आई बाधाओं के बीच सरकार ने रसोई गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए एलपीजी बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के तहत अब ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं दोनों के लिए सिलेंडर बुकिंग के बीच का समय बढ़ा दिया गया है, ताकि अनावश्यक...

बिजनेस डेस्कः वैश्विक आपूर्ति में आई बाधाओं के बीच सरकार ने रसोई गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए एलपीजी बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के तहत अब ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं दोनों के लिए सिलेंडर बुकिंग के बीच का समय बढ़ा दिया गया है, ताकि अनावश्यक बुकिंग और जमाखोरी पर रोक लगाई जा सके।

कितने दिन में मिलेगा दूसरा सिलेंडर

सरकार के फैसले के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में अब एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग पहले की तरह 25 दिन में नहीं बल्कि 45 दिन बाद ही की जा सकेगी यानी गांवों में रहने वाले उपभोक्ता पहला सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर 45 दिन पूरे होने पर ही बुक करा पाएंगे।

वहीं शहरी उपभोक्ताओं के लिए भी बुकिंग साइकिल में बदलाव किया गया है। पहले दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच 21 दिन का अंतर था, जिसे अब बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम गैस की अनावश्यक जमाखोरी और पैनिक बुकिंग को रोकने के लिए उठाया गया है।

45 दिन वाली व्यवस्था अस्थायी

इस संबंध में Ministry of Petroleum and Natural Gas की संयुक्त सचिव Sujata Sharma ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि Strait of Hormuz में जारी तनाव के कारण वैश्विक गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए समुद्री मार्गों में आई रुकावट का असर घरेलू आपूर्ति पर भी पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 45 दिन वाली व्यवस्था फिलहाल अस्थायी है।

सरकार के अनुसार हाल के दिनों में कई उपभोक्ता संभावित कमी के डर से जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक कर रहे थे, जिससे वितरण केंद्रों पर दबाव बढ़ गया था। इस स्थिति को नियंत्रित करने और स्टॉक संतुलन बनाए रखने के लिए बुकिंग अवधि बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

साथ ही तेल कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे राज्यों के साथ मिलकर 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाएं। होटल और छोटे उद्योगों को उनकी औसत मासिक जरूरत का करीब 20 प्रतिशत कोटा सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि उनका काम प्रभावित न हो।

रसोई गैस पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने वैकल्पिक ईंधनों की आपूर्ति भी बढ़ाने का फैसला लिया है। राज्यों को पहले आवंटित 1 लाख किलोलीटर केरोसिन के अतिरिक्त अब 48,000 किलोलीटर का नया कोटा भेजा जा रहा है। वहीं पर्यावरण नियमों में अस्थायी राहत देते हुए होटलों और ढाबों को एक महीने के लिए कोयला और केरोसिन जैसे ईंधनों के उपयोग की अनुमति दी गई है। सामान्य परिस्थितियों में प्रदूषण नियंत्रण के कारण इन ईंधनों के उपयोग पर प्रतिबंध रहता है।
 
 

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