US-Iran War Impact: मिडिल ईस्ट संकट से भारत के ज्वेलरी कारोबार को बड़ा झटका, Exports में 20% गिरावट

Edited By Updated: 16 Mar, 2026 02:07 PM

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पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत के रत्न और आभूषण निर्यात पर भी दिखाई देने लगा है। उद्योग संगठन Gem & Jewellery Export Promotion Council (GJEPC) के अनुसार मौजूदा हालात के कारण भारतीय रत्न और आभूषण निर्यात में करीब 20 प्रतिशत की...

बिजनेस डेस्कः मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत के रत्न और आभूषण निर्यात पर भी दिखाई देने लगा है। उद्योग संगठन Gem & Jewellery Export Promotion Council (GJEPC) के अनुसार मौजूदा हालात के कारण भारतीय रत्न और आभूषण निर्यात में करीब 20 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है।

परिषद के कार्यकारी निदेशक सब्यसाची रे ने बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव के चलते इस महीने कुल निर्यात पर कम से कम 20% का असर पड़ा है। अगर यही स्थिति जारी रहती है तो अगले तीन महीनों में करीब 1.2 अरब डॉलर के निर्यात पर असर पड़ सकता है। हालांकि चीन और हॉन्गकॉन्ग जैसे बाजारों से कुछ हद तक इसकी भरपाई होने की उम्मीद है, जिससे कुल नुकसान लगभग 2 अरब डॉलर से कम रह सकता है।

दुबई बना प्रमुख व्यापार केंद्र

भारतीय रत्न-आभूषण निर्यात का बड़ा हिस्सा United Arab Emirates (UAE) के जरिए खाड़ी देशों तक पहुंचता है। भारत के कुल निर्यात का करीब 65% हिस्सा दुबई जाता है, जहां से इसे GCC देशों में भेजा जाता है। यूएई और जीसीसी देशों को कुल निर्यात लगभग 8.3 अरब डॉलर का है।

विशेषज्ञों के मुताबिक दुबई अब कच्चे और तैयार हीरों के व्यापार का बड़ा वैश्विक केंद्र बन चुका है और इसने इस क्षेत्र में Belgium की जगह ले ली है।

भारत-यूएई समझौते पर भी असर

भारत और यूएई के बीच हुए India–UAE Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) के तहत सोने के आयात को भी मौजूदा हालात से झटका लग सकता है। अनुमान है कि इससे भारत में होने वाले करीब 200 टन सोने के आयात पर असर पड़ सकता है।

निर्यात के आंकड़े

परिषद के ताजा आंकड़ों के अनुसार फरवरी में भारतीय रत्न और आभूषण निर्यात सालाना आधार पर 3.86% बढ़कर 2.68 अरब डॉलर रहा। वहीं अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच कुल निर्यात लगभग 25.93 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 25.92 अरब डॉलर के करीब ही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो भारत के रत्न-आभूषण उद्योग पर इसका दबाव और बढ़ सकता है।
 

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