Edited By jyoti choudhary,Updated: 05 Mar, 2026 02:17 PM

दुनिया इस समय बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव और ईरान से जुड़े संघर्ष जैसे हालात के बीच आर्थिक अनिश्चितता का सामना कर रही है। इसी माहौल में अमेरिका और वेनेजुएला के बीच सोने से जुड़ी एक अहम डील सामने आई है, जिसने वैश्विक गोल्ड मार्केट का ध्यान खींच लिया है।...
बिजनेस डेस्कः दुनिया इस समय बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव और ईरान से जुड़े संघर्ष जैसे हालात के बीच आर्थिक अनिश्चितता का सामना कर रही है। इसी माहौल में अमेरिका और वेनेजुएला के बीच सोने से जुड़ी एक अहम डील सामने आई है, जिसने वैश्विक गोल्ड मार्केट का ध्यान खींच लिया है। इस डील के तहत वेनेजुएला अमेरिका को 650 से 1000 किलोग्राम तक सोना उपलब्ध कराएगा। इसके बदले अमेरिका वेनेजुएला को डॉलर में भुगतान करेगा। बताया जा रहा है कि इस रकम का इस्तेमाल वेनेजुएला अपने विकास कार्यों में करेगा।
रिपोर्ट के अनुसार यह सौदा वेनेजुएला की सरकारी खनन कंपनी Minerven और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी ट्रेडर Trafigura के बीच हुआ है। अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस के मुताबिक इस समझौते के तहत सोने की आपूर्ति सीधे वैश्विक बाजार के जरिए की जाएगी। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक किलोग्राम शुद्ध सोने की कीमत करीब 1.66 लाख डॉलर के आसपास बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार इस समझौते को अंतिम रूप देने में अमेरिका के गृह सचिव डग बर्गम ने अहम भूमिका निभाई है। बताया जा रहा है कि वे कई दिनों तक वेनेजुएला की राजधानी काराकास में रहकर इस डील को आगे बढ़ाने में जुटे रहे।
वेनेजुएला के पास सोने का बड़ा भंडार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वेनेजुएला की जमीन के नीचे करीब 600 टन से अधिक सोने का भंडार होने का अनुमान है। साल 2025 तक वेनेजुएला करीब 47 टन सोना वैश्विक बाजार में बेच चुका था। इसके अलावा सरकारी बैंकों के पास अभी भी लगभग 47 टन सोने का भंडार मौजूद बताया जाता है।
वेनेजुएला केवल सोने ही नहीं बल्कि तेल भंडार के मामले में भी दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है। माना जाता है कि वैश्विक कच्चे तेल के कुल भंडार का करीब 17 प्रतिशत हिस्सा वेनेजुएला के पास है।
भारत पर संभावित असर
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ताओं में से एक है। यहां सोने की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय कीमत, डॉलर-रुपया विनिमय दर और आयात शुल्क पर निर्भर करती हैं। यदि वैश्विक बाजार में सप्लाई बढ़ने से कीमतों पर दबाव आता है तो भारत में भी सोने के दाम में कुछ नरमी देखने को मिल सकती है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो सोने की कीमतें फिर से तेजी पकड़ सकती हैं। ऐसे में आने वाले समय में गोल्ड मार्केट में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
क्यों हो रही है यह डील
विश्लेषकों के मुताबिक इस समझौते के पीछे दो प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। पहला, वेनेजुएला अपनी प्राकृतिक संपदा को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचकर अधिक पारदर्शी तरीके से राजस्व जुटाना चाहता है, क्योंकि पहले बिचौलियों के कारण सरकार को कम फायदा मिलता था।
दूसरा, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि वेनेजुएला की सरकार अमेरिका के साथ रिश्ते बेहतर करने के लिए भी यह कदम उठा रही है। ऐसे में इस डील को राजनीतिक और आर्थिक दोनों नजरिए से अहम माना जा रहा है।