Edited By jyoti choudhary,Updated: 06 Mar, 2026 06:49 PM

तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से मिडिल ईस्ट से ऊर्जा की आपूर्ति बाधित हुई है। अमेरिकी तेल की कीमतें हाल की ट्रेडिंग में 6% बढ़कर $85.85 प्रति बैरल हो गईं। इसी दौरान क्रूड का भाव $86.22 प्रति...
बिजनेस डेस्कः तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से मिडिल ईस्ट से ऊर्जा की आपूर्ति बाधित हुई है। अमेरिकी तेल की कीमतें हाल की ट्रेडिंग में 6% बढ़कर $85.85 प्रति बैरल हो गईं। इसी दौरान क्रूड का भाव $86.22 प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो अप्रैल 2024 के बाद का सबसे उच्चतम इंट्राडे मूल्य है।
विश्लेषकों के अनुसार, यह उछाल पिछले गुरुवार को लगभग 9% की बढ़त पर आधारित है, जो मई 2020 के बाद का सबसे बड़ा एक-दिन का इजाफा है। इस साल अब तक तेल की कीमतें करीब 50% बढ़ चुकी हैं, जिसमें अधिकांश बढ़ोतरी अमेरिकी सेना की मिडिल ईस्ट तैनाती के बाद हुई। विशेष रूप से, युद्ध शुरू होने से ठीक पहले शुक्रवार से क्रूड का भाव 28% तक बढ़ चुका है।
ब्रेंट क्रूड की कीमत सोमवार सुबह $81.45 प्रति बैरल पर पहुंच गई थी, जो अमेरिका और इजराइल द्वारा इरान पर हमलों के बाद का पहला बाजार मूल्य है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस उछाल का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर लंबी अवधि तक दिखाई दे सकता है और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका है।