Edited By jyoti choudhary,Updated: 24 Feb, 2026 12:30 PM

वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। एशिया, खासकर भारत और चीन, अब दुनिया की आर्थिक वृद्धि के प्रमुख इंजन बनकर उभरे हैं। International Monetary Fund (आईएमएफ) की जनवरी 2026 की ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में...
बिजनेस डेस्कः वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। एशिया, खासकर भारत और चीन, अब दुनिया की आर्थिक वृद्धि के प्रमुख इंजन बनकर उभरे हैं। International Monetary Fund (आईएमएफ) की जनवरी 2026 की ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में वैश्विक जीडीपी वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान चीन का है, जो 26.6% रहा। भारत 17% हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर है। इस तरह दोनों देश मिलकर वैश्विक वृद्धि का 43.6% हिस्सा चला रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका 9.9% योगदान के साथ तीसरे स्थान पर है। अन्य देशों में इंडोनेशिया (3.8%), तुर्की (2.2%), सऊदी अरब (1.7%), वियतनाम (1.6%), नाइजीरिया (1.5%) और ब्राजील (1.5%) शामिल हैं। जर्मनी का योगदान सबसे कम, 0.9% रहा।
वैश्विक वृद्धि और महंगाई पर नजर
आईएमएफ ने अनुमान जताया है कि 2026 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि 3.3% और 2027 में 3.2% रह सकती है, जो पिछले आकलन से थोड़ा बेहतर है। यह वृद्धि तकनीकी निवेश, वित्तीय समर्थन और अनुकूल मौद्रिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
रिपोर्ट में वैश्विक महंगाई में नरमी की संभावना भी जताई गई है। अमेरिका में मुद्रास्फीति धीरे-धीरे लक्ष्य स्तर की ओर लौट रही है। हालांकि, आईएमएफ ने चेतावनी दी है कि राजनीतिक तनाव, व्यापार विवाद, तकनीकी बदलाव, बढ़ता कर्ज और राजकोषीय घाटा आगे की वृद्धि पर दबाव डाल सकते हैं।
Elon Musk ने भी शेयर की रिपोर्ट
इस रिपोर्ट को Elon Musk ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए लिखा, “पावर बैलेंस शिफ्ट हो रहा है।” उन्होंने शीर्ष 10 देशों की सूची साझा की, जिसमें चीन और भारत अग्रणी रहे। मस्क हाल के महीनों में Narendra Modi से मुलाकात कर चुके हैं, जो भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को रेखांकित करता है।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक केंद्र अब पश्चिमी देशों से हटकर एशिया और ग्लोबल साउथ की ओर बढ़ रहा है। भारत की तेज विकास दर, बड़ी युवा आबादी और बढ़ते निवेश इसे मजबूत आधार दे रहे हैं, जबकि चीन अपनी विशाल अर्थव्यवस्था के दम पर वैश्विक वृद्धि में बड़ा योगदान दे रहा है। कुल मिलाकर, एशिया-पैसिफिक क्षेत्र अब वैश्विक अर्थव्यवस्था का प्रमुख चालक बनता दिख रहा है और भारत इस बदलाव में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।