Edited By jyoti choudhary,Updated: 16 Mar, 2026 03:33 PM

सोमवार को शेयर बाजार में दोपहर के समय एक दिलचस्प मोड़ देखने को मिला। करीब 2:16 बजे बाजार में सुस्ती का माहौल था और Nifty 50 लगभग 23,135 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। निवेशक सतर्क नजर आ रहे थे और बाजार में ज्यादा हलचल नहीं दिख रही थी लेकिन कुछ ही...
बिजनेस डेस्कः सोमवार को शेयर बाजार में दोपहर के समय एक दिलचस्प मोड़ देखने को मिला। करीब 2:16 बजे बाजार में सुस्ती का माहौल था और Nifty 50 लगभग 23,135 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। निवेशक सतर्क नजर आ रहे थे और बाजार में ज्यादा हलचल नहीं दिख रही थी लेकिन कुछ ही मिनटों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। करीब 2:24 बजे अचानक जोरदार खरीदारी शुरू हुई और सेंसेक्स 1119 अंक उछल गया और निफ्टी 320 अंक मजबूत हुआ यानी महज 8 मिनट में बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 938.93 अंक की बढ़त के साथ 75,502.85 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी 257.70 अंक की तेजी के साथ 23,408.80 के स्तर पर बंद हुआ।
मिडिल ईस्ट तनाव पर नजर
विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार की इस तेजी के पीछे वैश्विक घटनाक्रम भी अहम रहा। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच European Union (EU) अब एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम पर विचार कर रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यूरोपीय संघ अपने मौजूदा नौसैनिक मिशन मिशन Aspides को रेड सी से हटाकर Strait of Hormuz में तैनात करने पर चर्चा कर रहा है, ताकि तेल और गैस की सप्लाई को फिर से सामान्य किया जा सके।
ईयू की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas ने कहा कि क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा मिशन का इस्तेमाल किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर इसके दायरे में बदलाव भी किया जा सकता है।
तेल आपूर्ति पर असर
अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाली शिपिंग पर बड़ा असर पड़ा है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के करीब 20% तेल व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है। इसके प्रभावित होने से तेल की कीमतों में उछाल आया है और खासकर यूरोप में महंगाई और आर्थिक सुस्ती की चिंता बढ़ गई है।
हालांकि इस मुद्दे पर यूरोपीय देशों के बीच मतभेद भी दिख रहे हैं। Germany और Italy जैसे देश इस मिशन को सीधे ईरान संघर्ष से जोड़ने को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।