डॉलर के मुकाबले रुपया पांच पैसे टूटकर 89.94 पर बंद

Edited By Updated: 05 Dec, 2025 05:06 PM

rupee fell five paise to close at 89 94 against dollar

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में शुक्रवार को रुपया अपनी शुरुआती बढ़त गंवा बैठा और डॉलर के मुकाबले पांच पैसे टूटकर 89.94 (अस्थायी) पर बंद हुआ। छह महीने में पहली बार भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दर में कटौती के बाद यह गिरावट आई है।...

मुंबईः अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में शुक्रवार को रुपया अपनी शुरुआती बढ़त गंवा बैठा और डॉलर के मुकाबले पांच पैसे टूटकर 89.94 (अस्थायी) पर बंद हुआ। छह महीने में पहली बार भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दर में कटौती के बाद यह गिरावट आई है। विदेशीमुद्रा कारोबारियों ने कहा कि रिजर्व बैंक के ब्याज दर में कटौती करने से रुपए पर दबाव पड़ेगा लेकिन रिजर्व बैंक के खुले बाजार परिचालन (ओएमओ) के जरिए एक लाख करोड़ रुपए तक के सरकारी बॉन्ड खरीदने के फैसले के साथ-साथ पांच अरब डॉलर के खरीद-बिक्री अदला-बदली से रुपए को समर्थन मिलेगा। अंतरबैंक विदेशीमुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 89.85 पर खुला और सुबह के कारोबार में 89.69 तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 20 पैसे की बढ़त है। 

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद, रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले गिरकर 90.06 आ गया, जो इसके पिछले बंद भाव 89.89 से 16 पैसे की गिरावट है। इस साल डॉलर के मुकाबले रुपया लगभग पांच प्रतिशत नीचे आया है, जो एशिया में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा है। रुपया आखिरकार अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले पांच पैसे टूटकर 89.94 (अस्थायी) पर बंद हुआ। एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य निवेश अधिकारी सचिन बजाज ने कहा, ‘‘ब्याज दर के अलावा, ओएमओ के जरिए एक लाख करोड़ रुपये तक के सरकारी बॉन्ड खरीदने का रिजर्व बैंक का फैसला, पांच अरब डॉलर के ‘खरीद-बिक्री अदला बदली' के साथ, रुपये में तेज गिरावट के बाद टिकाऊ नकदी बहाल करने और मुद्रा बाजार को स्थिर करने की एक अहम कोशिश है।'' रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने कहा कि केन्द्रीय बैंक विदेशीमुद्रा विनिमय बाजार में रुपए के लिए किसी दायरे या सीमा को लक्षित नहीं करता है और घरेलू मुद्रा को अपना सही स्तर खोजने की छूट देता है। 

मौद्रिक नीति के बाद संवाददाता सम्मेलन में रुपए की गिरावट पर एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम किसी कीमत स्तर या किसी सीमा-दायरे को लक्षित नहीं करते हैं। हम बाजार को कीमतें तय करने देते हैं। हमारा मानना ​​है कि बाजार, खासकर लंबे समय में, बहुत कुशल होते हैं। यह बहुत मजबूत बाजार है।'' मल्होत्रा ​​ने कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव होते रहते हैं, और रिजर्व बैंक की कोशिश हमेशा किसी भी असामान्य या बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव को कम करने की होती है। उन्होंने कहा, ‘‘और हम यही कोशिश करते रहेंगे।'' 

इस बीच, छह करेंसी के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापने वाला डॉलर सूचकांक, 0.03 प्रतिशत घटकर 98.96 पर रहा। वैश्विक कच्चातेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.02 प्रतिशत बढ़कर 63.27 डॉलर प्रति बैरल हो गया। घरेलू शेयर बाजार में, सेंसेक्स 447.05 अंक बढ़कर 85,712.37 और निफ्टी 152.70 अंक बढ़कर 26,186.45 पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने बृहस्पतिवार को शुद्ध आधार पर 1,944.19 करोड़ रुपए के शेयरों की बिक्री की।  

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