Edited By jyoti choudhary,Updated: 18 Feb, 2026 11:14 AM

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India (SBI) ने पिछले एक साल में शेयर बाजार में शानदार प्रदर्शन करते हुए निवेशकों को करीब 70% का रिटर्न दिया है। इस तेजी के दम पर SBI ने वैल्यूएशन के मामले में ICICI Bank को पीछे छोड़ दिया है और HDFC Bank के...
बिजनेस डेस्कः देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India (SBI) ने पिछले एक साल में शेयर बाजार में शानदार प्रदर्शन करते हुए निवेशकों को करीब 70% का रिटर्न दिया है। इस तेजी के दम पर SBI ने वैल्यूएशन के मामले में ICICI Bank को पीछे छोड़ दिया है और HDFC Bank के साथ अपने वैल्यूएशन गैप को भी काफी कम कर लिया है।
तेजी की बड़ी वजह क्या?
SBI इस समय 2.41 के प्राइस-टू-बुक (P/B) मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जबकि HDFC बैंक 2.69, ICICI बैंक 2.92, Axis Bank 2.20 और Kotak Mahindra Bank 2.49 के मल्टीपल पर हैं। एक साल पहले SBI का P/B 1.35 था, जो तेज़ री-रेटिंग को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एसेट क्वालिटी में सुधार, मजबूत कमाई और सब्सिडियरी कंपनियों में वैल्यू अनलॉकिंग ने स्टॉक की रफ्तार बढ़ाई है। Q3 नतीजे भी मजबूत रहे हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा कायम है।
फंडामेंटल्स दे रहे हैं सपोर्ट
एनालिस्ट्स के मुताबिक, SBI का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 16–17% और रिटर्न ऑन एसेट (RoA) 1% से ऊपर है, जो इसके ऐतिहासिक औसत से बेहतर है। बैंक की करीब 38 लाख करोड़ रुपये की लोन बुक पर 13–15% की ग्रोथ गाइडेंस मजबूत अर्निंग विजिबिलिटी दिखाती है।
ताज़ा तिमाही में SBI का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 24% बढ़कर 21,028 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 9% बढ़कर 45,190 करोड़ रुपए पहुंच गई।
मार्केट कैप और टेक्निकल तस्वीर
हाल ही में SBI ने आईटी दिग्गज Tata Consultancy Services को मार्केट कैप के लिहाज़ से पीछे छोड़ दिया और 11 लाख करोड़ रुपए से अधिक वैल्यूएशन के साथ भारत की चौथी सबसे बड़ी कंपनी बन गई। SBI से आगे अब सिर्फ Reliance Industries, HDFC बैंक और Bharti Airtel हैं।
टेक्निकल रूप से भी स्टॉक अपने 50-दिन और 200-दिन के मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है, हालांकि एक साल का बीटा 1.6 होने से इसमें उतार-चढ़ाव ज्यादा देखने को मिला है।
क्या अभी भी है कमाई का मौका?
विशेषज्ञों का कहना है कि SBI अब पूरी तरह अंडरवैल्यूड नहीं है, क्योंकि हालिया री-रेटिंग में एसेट क्वालिटी सुधार और कमाई का बड़ा हिस्सा शामिल हो चुका है। आगे रिटर्न मुख्य रूप से मजबूत RoE डिलीवरी पर निर्भर करेगा, न कि मल्टीपल एक्सपेंशन पर।
हालांकि, HDFC और ICICI बैंक के मुकाबले अभी भी SBI डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है। कुछ ब्रोकरेज हाउस अगले 12 महीनों में 10–20% तक की और बढ़त की संभावना जता रहे हैं।