Edited By jyoti choudhary,Updated: 20 Apr, 2026 03:05 PM

देश के प्रमुख जिंस बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) को बाजार नियामक सेबी से प्रस्तावित अनुषंगी इकाई कोयला एक्सचेंज कंपनी में निवेश करने की मंजूरी मिल गई है। एमसीएक्स ने सोमवार को कहा कि उसे 17 अप्रैल को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड...
नई दिल्लीः देश के प्रमुख जिंस बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) को बाजार नियामक सेबी से प्रस्तावित अनुषंगी इकाई कोयला एक्सचेंज कंपनी में निवेश करने की मंजूरी मिल गई है। एमसीएक्स ने सोमवार को कहा कि उसे 17 अप्रैल को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) से निवेश की मंजूरी मिली। शेयर बाजार को दी गई सूचना के अनुसार, जिंस बाजार एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी बनाने की योजना बना रहा है। उसका नाम संभवतः एमसीएक्स कोल एक्सचेंज लि. या एमसीएक्स कोल एक्सचेंज ऑफ इंडिया लि. होगा।
एमसीएक्स ने कहा कि वह कोयला एक्सचेंज नियमों के मसौदे के तहत न्यूनतम नेटवर्थ आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नई अनुषंगी कंपनी में 100 करोड़ रुपए तक की पूंजी लगाएगा और शुरू में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी रखेगा। इसमें बाद में रणनीतिक भागीदारों को शामिल करने का विकल्प होगा। नई इकाई बाजार-आधारित कीमतों पर कोयले की डिलिवरी के लिए एक पारदर्शी, मानकीकृत डिजिटल मंच प्रदान करेगी और निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद भारतीय कोयला नियंत्रक संगठन को आवेदन प्रस्तुत करेगी। यह कदम एमसीएक्स के मौजूदा ऊर्जा डेरिवेटिव कारोबार को और मजबूत करता है, जिसमें कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस पर अनुबंध और पिछले साल शुरू किया गया बिजली वायदा अनुबंध शामिल है।
कोयले को शामिल करने से ऊर्जा क्षेत्र में जिंस बाजार की मौजूदगी और भी व्यापक हो जाएगी। एमसीएक्स के अनुसार, कोयला एक्सचेंज का उद्देश्य एक विनियमित, प्रौद्योगिकी-आधारित बाजार बनाना है जो ईंधन के लिए कुशल मूल्य निर्धारण को सक्षम बनाएगा, जो भारत के बिजली उत्पादन और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है।