भारत में 5जी ग्राहकों की संख्या 2030 तक एक अरब करने का लक्ष्य: सिंधिया

Edited By Updated: 08 Oct, 2026 12:38 PM

target to reach one billion 5g subscribers in india by 2030 scindia

संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि सरकार का लक्ष्य भारत के 5जी ग्राहकों की संख्या मौजूदा 55 करोड़ से दोगुना कर 2030 तक एक अरब करने का है। उन्होंने कहा कि देश 4जी के मामले में दुनिया से पीछे था लेकिन उसने 6जी में दुनिया की अगुवाई करने

नई दिल्लीः संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि सरकार का लक्ष्य भारत के 5जी ग्राहकों की संख्या मौजूदा 55 करोड़ से दोगुना कर 2030 तक एक अरब करने का है। उन्होंने कहा कि देश 4जी के मामले में दुनिया से पीछे था लेकिन उसने 6जी में दुनिया की अगुवाई करने का संकल्प लिया है। 'इंडिया मोबाइल कांग्रेस' (आईएमसी) 2026 के 10वें संस्करण के उद्घाटन समारोह में सिंधिया ने कहा कि भारत में 5जी दुनिया में सबसे तेजी से अपनाई जाने वाली 5जी प्रौद्योगिकी बन गई है। 

उन्होंने कहा, ''आज हमारे पास 5जी के 55 करोड़ उपयोगकर्ता हैं... लेकिन हम यहीं नहीं रुकेंगे। 2030 तक हमारा लक्ष्य 5जी उपयोगकर्ताओं की संख्या 55 करोड़ से बढ़ाकर एक अरब करना है।'' वहीं 6जी के बारे में सिंधिया ने कहा कि भारत के 6जी गठबंधन में 90 संस्थान शामिल हैं और उसने 7,700 पेटेंट हासिल किए हैं, जिनमें 4,400 अंतरराष्ट्रीय पेटेंट हैं। उन्होंने कहा, ''हम 4जी में दुनिया से पीछे थे। 5जी में हमने दुनिया के साथ कदम मिलाया। अब हमारा संकल्प है कि 6जी में हम दुनिया की अगुवाई करेंगे।'' मंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) की परिषद ने 2030 में पूर्णाधिकार सम्मेलन की मेजबानी करने के भारत के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। 

उन्होंने कहा कि आईटीयू की विश्व दूरसंचार मानकीकरण सभा (डब्ल्यूटीएसए) का आयोजन 2024 में पहली बार भारत में हुआ था और यह आईटीयू के इतिहास में जिनेवा के बाहर आयोजित सबसे बड़ी डब्ल्यूटीएसए थी। सितंबर 2017 में पहले आईएमसी के आयोजन के बाद से भारत की दूरसंचार यात्रा का जिक्र करते हुए सिंधिया ने कहा कि 'ब्रॉडबैंड' उपयोगकर्ताओं की संख्या छह करोड़ से बढ़कर 1.1 अरब से अधिक हो गई है। देश में अब 1.35 अरब मोबाइल उपयोगकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि एक जीबी डेटा की कीमत 2014 में 268 रुपए से घटकर अब आठ रुपए रह गई है। इसे उन्होंने दुनिया में सबसे सस्ती दर करार दिया। 

डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के बारे में उन्होंने कहा कि भारत में डिजिटल लेनदेन में यूपीआई की हिस्सेदारी 84 प्रतिशत है और दुनिया के 49 प्रतिशत डिजिटल लेनदेन भारत में होते हैं। उन्होंने कहा कि यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) सालाना 3.4 लाख करोड़ डॉलर के 260 अरब लेनदेन का प्रसंस्करण करता है और इस प्रौद्योगिकी को 11 अन्य देशों तक पहुंचाया गया है। मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा वित्त पोषित 15 अरब डॉलर की 'भारतनेट' परियोजना करीब 2.6 लाख ग्राम पंचायतों तक संपर्क उपलब्ध कराएगी। 

उन्होंने कहा कि यह शेष 3.8 लाख गांवों को मांग के आधार पर संपर्क भी उपलब्ध कराएगी और नागरिकों की मांग के अनुरूप हर घर को 100 एमबीपीएस का कनेक्शन दिया जाएगा। विनिर्माण क्षेत्र के बारे में उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन उद्योग 2014 में करीब दो से तीन अरब डॉलर का था, जो अब 63 अरब डॉलर का उद्योग हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माता है और मोबाइल फोन का निर्यात करीब 29 अरब डॉलर का है।  

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!