Edited By jyoti choudhary,Updated: 28 Feb, 2026 06:10 PM

देश में सोने-चांदी की कीमतें भले लगातार ऊपर-नीचे हो रही हों लेकिन ग्राहकों की पसंद में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब ज्वेलरी को सिर्फ सुरक्षित निवेश के तौर पर नहीं, बल्कि पर्सनल स्टाइल और पहचान का हिस्सा माना जाने लगा है।
बिजनेस डेस्कः देश में सोने-चांदी की कीमतें भले लगातार ऊपर-नीचे हो रही हों लेकिन ग्राहकों की पसंद में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब ज्वेलरी को सिर्फ सुरक्षित निवेश के तौर पर नहीं, बल्कि पर्सनल स्टाइल और पहचान का हिस्सा माना जाने लगा है।
कीमतों में तेजी के चलते खरीदार अब पारंपरिक 22 कैरेट सोने की बजाय 18 कैरेट और चांदी जैसे अपेक्षाकृत सस्ते विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। मॉडर्न डिजाइन और बजट-फ्रेंडली कीमतें इनकी लोकप्रियता बढ़ा रही हैं।
महंगे सोने ने बदली ग्राहकों की सोच
सोने की रिकॉर्ड ऊंची कीमतों ने ग्राहकों को नई रणनीति अपनाने पर मजबूर कर दिया है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, 22 कैरेट भारी गहनों की तुलना में 18 कैरेट ज्वेलरी की मांग तेजी से बढ़ रही है।
दोनों के दाम में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक का अंतर होने के कारण 18 कैरेट ज्वेलरी बजट पर कम दबाव डालती है। साथ ही इसमें हल्के, स्टाइलिश और रोजमर्रा में पहनने योग्य डिजाइन उपलब्ध हैं, जो ऑफिस या फंक्शन में ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक माने जाते हैं।
सिल्वर और डायमंड ज्वेलरी की बढ़ती मांग
एक समय था जब गहनों का मतलब सिर्फ सोना हुआ करता था लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। चांदी अब सिर्फ सस्ता विकल्प नहीं रही, बल्कि स्टर्लिंग सिल्वर और ट्रेंडी डिजाइन के चलते यह फैशन स्टेटमेंट बनती जा रही है।
इसके साथ ही डायमंड ज्वेलरी की मांग भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। हालांकि इसका झुकाव अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन युवा ग्राहकों के बीच इसका आकर्षण बढ़ रहा है।
निवेशकों की पसंद बनी चांदी
चांदी की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है। पिछले एक साल में चांदी ने निवेशकों को बेहतर रिटर्न दिया है, जिससे इसे निवेश के एक मजबूत विकल्प के रूप में देखा जाने लगा है। कुल मिलाकर, महंगे सोने ने ग्राहकों की प्राथमिकताओं को बदल दिया है। अब बाजार में बजट, डिजाइन और निवेश—तीनों का संतुलन साधने की कोशिश साफ नजर आ रही है।