1.5 करोड़ रुपए के घोटाला मामले में शुभम अस्पताल का पार्टनर-बैंक कर्मी बरी

Edited By Updated: 05 Aug, 2018 12:53 PM

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पंचकूला में हुए बैंक ऑफ इंडिया के 1.5 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में सैक्टर-20 शुभम अस्पताल एंड डायग्नोस्टिक सैंटर के पार्टनर संदीप शर्मा और बैंक ऑफ इंडिया के वैल्यूअर (दाम लगाने वाला) जतिंदर शर्मा को सी.बी.आई. कोर्ट के स्पैशल ज्यूडीशियल...

पंचकूला(मुकेश) : पंचकूला में हुए बैंक ऑफ इंडिया के 1.5 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में सैक्टर-20 शुभम अस्पताल एंड डायग्नोस्टिक सैंटर के पार्टनर संदीप शर्मा और बैंक ऑफ इंडिया के वैल्यूअर (दाम लगाने वाला) जतिंदर शर्मा को सी.बी.आई. कोर्ट के स्पैशल ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। 

कोर्ट के समक्ष सी.बी.आई. सबूतों को पुख्ता रूप से नहीं रख पाई। अस्पताल के पार्टनर संदीप शर्मा की पत्नी रंजना शर्मा को मामले में फिलहाल भगौड़ा करार दिया जा चुका है। कोर्ट ने साफ कहा कि सी.बी.आई. ने केस में कोर्ट के समक्ष जो भी तथ्य रखे हैं वह संदीप शर्मा और जतिंदर शर्मा को दोषी करार देने के लिए नाकाफी हैं। सी.बी.आई. की ड्यूटी बनती है कि वह पर्याप्त सबूत रखें। 

वकीलों का यह है कहना :
संदीप शर्मा के वकील एन.के. बजाज ने बताया कि मामले में 6 लोगों को सी.बी.आई. ने आरोपी बनाया था। बैंक ऑफ इंडिया ने तीन बैंक कर्मियों के खिलाफ उत्पीडऩ स्वीकृति नहीं दी और संदीप की पत्नी को पहले ही भगौड़ा करार दिया जा चुका है। 

बाकी बचे दोनों आरोपियों को कोर्ट ने सबूतों के आभाव में बरी कर दिया है। बैंक कर्मी जतिंद्र शर्मा के वकील अजय कौशिक ने कहा कि सी.बी.आई. कोर्ट के समक्ष दोनों आरोपियों की मिलीभगत साबित ही नहीं कर पाई, जबकि उनका मुवक्किल सैक्टर-16 बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच में अप्रूव्ड वैलुवर (दाम लगाने वाला) था। जिसने सिर्फ रिपोर्ट दी थी। 

यह है मामला :
पंचकूला पुलिस ने जनवरी 2008 में संदीप शर्मा नामक फर्जी डाक्टर के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज की थी। संदीप पर आरोप था कि वह फ्री आई-चैकअप कैंप लगाकर अवैध तौर पर लोगों की आंखों के आप्रैशन करता था। पुलिस जांच में उसके द्वारा गए घोटाले भी सामने आने लगे। 

इसके बाद जांच हरियाणा राज्य क्राइम ब्यूरो को सौंप दी थी, जिसके बाद संदीप को गिरफ्तार किया गया था और जुलाई 2008 में सी.बी.आई. ने भी संदीप के खिलाफ दो अलग-अलग केस दर्ज किए थे। सी.बी.आई. ने मामले में 2009 में अदालत के समक्ष चार्जशीट दायर की थी।

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