Edited By Ramkesh,Updated: 03 Sep, 2026 08:02 PM

दिल्ली सरकार राजधानी में बिजली, पानी, गैस, फायर-हाइड्रेंट समेत विभिन्न आवश्यक सेवाओं के लिए मल्टी-यूटिलिटी डक्ट (एमयूडी) सिस्टम विकसित करेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि इस पहल से बार-बार सड़कों की खुदाई और मरम्मत की समस्या कम होगी...
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार राजधानी में बिजली, पानी, गैस, फायर-हाइड्रेंट समेत विभिन्न आवश्यक सेवाओं के लिए मल्टी-यूटिलिटी डक्ट (एमयूडी) सिस्टम विकसित करेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि इस पहल से बार-बार सड़कों की खुदाई और मरम्मत की समस्या कम होगी तथा यातायात बाधित होने और नागरिकों को होने वाली असुविधा में भी कमी आयेगी। इसके तहत साझा भूमिगत कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिनमें तकनीकी रूप से उपयुक्त स्थानों पर विभिन्न यूटिलिटी नेटवकर् को व्यवस्थित तरीके से रखा जा सकेगा।
सरकार ने यह निर्णय हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में लिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के विकास की सरकार की सोच केवल वर्तमान जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और टिकाऊ आधारभूत ढांचा तैयार करना है। साझा भूमिगत कॉरिडोर बनने से विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर होगा और यूटिलिटी नेटवकर् के रखरखाव तथा भविष्य में उनके विस्तार का काम भी आसान और तेज हो सकेगा। साथ ही, खुदाई के दौरान भूमिगत लाइनों को आकस्मिक नुकसान पहुंचने की आशंका कम होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था के लिए जल्द ही विशेषज्ञों की एक तकनीकी समिति गठित की जायेगी। इसमें डिस्कॉम, दिल्ली जल बोडर्, लोक निर्माण विभाग समेत संबंधित विभागों के विशेषज्ञ अधिकारी शामिल होंगे। समिति की निगरानी और अनुशंसाओं के आधार पर एमयूडी के निर्माण और विस्तार की योजना तैयार की जायेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि डक्ट की तकनीकी डिजाइन में वेंटिलेशन, अग्नि-सुरक्षा, रखरखाव के लिए आसान पहुंच और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसी व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जायेगा, ताकि विभिन्न सेवाओं को एक साझा भूमिगत कॉरिडोर में सुरक्षित ढंग से संचालित किया जा सके।
सरकार इस परियोजना की शुरुआत चांदनी चौक क्षेत्र में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में करेगी। इसके लिए एस्प्लेनेड रोड पर 310 मीटर और मोर सराय रोड पर 560 मीटर लंबे हिस्से का चयन प्रस्तावित है। इन दोनों कॉरिडोर से मिले अनुभव के आधार पर दिल्ली के अन्य इलाकों में भी एमयूडी सिस्टम का विस्तार किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल अलग-अलग एजेंसियों द्वारा अपनी जरूरत के अनुसार बार-बार सड़क खोदने की व्यवस्था के स्थान पर समन्वित भूमिगत यूटिलिटी प्लानिंग की दिशा में बड़ा कदम है। इसका उद्देश्य दिल्ली को सुरक्षित, स्वच्छ, मजबूत, व्यवस्थित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराना है।