Edited By Sarita Thapa,Updated: 11 Feb, 2026 09:51 AM

भगवान श्री राम की जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए चला सदियों लंबा संघर्ष अब केवल इतिहास की किताबों तक सीमित नहीं रहेगा। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस ऐतिहासिक आंदोलन और कानूनी लड़ाई से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को डिजिटल स्वरूप...
Ayodhya Ram Mandir : भगवान श्री राम की जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए चला सदियों लंबा संघर्ष अब केवल इतिहास की किताबों तक सीमित नहीं रहेगा। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस ऐतिहासिक आंदोलन और कानूनी लड़ाई से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को डिजिटल स्वरूप देने का बड़ा निर्णय लिया है। ट्रस्ट ने फैजाबाद सिविल कोर्ट, लखनऊ हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चले मुकदमों से संबंधित लगभग 30,000 दस्तावेजों को स्कैन और डिजिटाइज करने का काम शुरू कर दिया है।
इसमें 500 वर्षों के संघर्ष, पुरातात्विक साक्ष्य और आंदोलन के दौरान हुए पत्राचारों को सुरक्षित किया जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ियां इस त्याग और तपस्या की कहानी को करीब से जान सकें। इन डिजिटल दस्तावेजों और पुरातात्विक अवशेषों को अयोध्या में बन रहे अंतरराष्ट्रीय श्री राम कथा संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए IIT मद्रास की मदद से अत्याधुनिक गैलरियां तैयार की जा रही हैं। डिजिटल बैकअप के साथ-साथ पुराने मूल दस्तावेजों को विशेष 'केमिकल ट्रीटमेंट' देकर खास कैबिनेट में रखा जा रहा है, ताकि वे सैकड़ों सालों तक सुरक्षित रहें।
क्यों खास है यह पहल ?
यह केवल रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक डिजिटल आर्काइव है। इससे रिसर्च करने वाले विद्वानों और जिज्ञासु भक्तों को एक ही जगह पर राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी प्रामाणिक और तथ्यपरक जानकारी मिल सकेगी। ट्रस्ट का लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक इन गैलरियों का काम पूरा कर लिया जाए।
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