Edited By Sarita Thapa,Updated: 06 Feb, 2026 01:00 PM

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में एक बार फिर एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। आगामी 19 मार्च 2026 को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अयोध्या के प्रवास पर रहेंगी
Ram Mandir Ayodhya : अयोध्या के भव्य राम मंदिर में एक बार फिर एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। आगामी 19 मार्च 2026 को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अयोध्या के प्रवास पर रहेंगी, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 मार्च को रामलला के दरबार में हाजिरी लगाएंगी और मंदिर के दूसरे तल पर बने गर्भगृह में राम यंत्र की प्रतिष्ठा करेंगी।
क्या है राम यंत्र और इसका महत्व ?
यह राम यंत्र कांची पीठ के शंकराचार्य द्वारा विशेष रूप से तैयार कराया गया है। यह लगभग 150 किलो वजनी स्वर्ण मंडित फलक है। इस यंत्र पर प्राचीन वैदिक मंत्र उत्कीर्ण हैं। माना जाता है कि यंत्र की स्थापना से मंदिर परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रवाह और अधिक बढ़ जाता है। राष्ट्रपति स्वयं अपने हाथों से इसे मंदिर के ऊपरी तल पर स्थापित करेंगी।
परकोटा और पूरक मंदिरों में ध्वजारोहण
राष्ट्रपति का यह दौरा केवल पूजन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे मंदिर की पूर्णता के प्रतीक के रूप में विशेष अनुष्ठान भी करेंगी। राष्ट्रपति मंदिर के परकोटा में बने एक पूरक मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराएंगी। सनातन परंपरा में ध्वजारोहण मंदिर के पूर्ण रूप से जागृत होने और विजय का प्रतीक माना जाता है। वे रामलला की विशेष मध्याह्न आरती में भी शामिल होंगी और देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना करेंगी।
तैयारियां और भव्यता
मंदिर ट्रस्ट इस खास दौरे के लिए जोर-शोर से तैयारियां कर रहा है। परकोटे में बने भित्ति चित्रों की सफाई और फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में है। इस कार्यक्रम में मंदिर निर्माण से जुड़े कारीगरों और विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया है।
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