Edited By Prachi Sharma,Updated: 02 Feb, 2026 06:20 PM

Ayodhya Ram Mandir : अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर में अब श्रद्धालुओं के लिए भक्ति और श्रद्धा का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। राम जन्मभूमि में रामलला के दर्शन के लिए उमड़ रही भीड़ के बीच, राम मंदिर ट्रस्ट ने भक्तों की सुविधा के लिए एक बड़ा और...
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Ayodhya Ram Mandir : अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर में अब श्रद्धालुओं के लिए भक्ति और श्रद्धा का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। राम जन्मभूमि में रामलला के दर्शन के लिए उमड़ रही भीड़ के बीच, राम मंदिर ट्रस्ट ने भक्तों की सुविधा के लिए एक बड़ा और स्वागत योग्य फैसला लिया है।
अब संपूर्ण परिसर के होंगे दर्शन
अभी तक श्रद्धालु मंदिर में केवल मुख्य विग्रह (राजाराम और बालक राम) के ही दर्शन कर पा रहे थे। लेकिन अब मंदिर ट्रस्ट ने पूरे परिसर को भक्तों के लिए खोलने की योजना बनाई है। इसका अर्थ है कि अब भक्त मंदिर के भीतर बने अन्य देवी-देवताओं, ऋषियों और मुनियों के मंदिरों के भी दर्शन कर सकेंगे।
नई व्यवस्था: 15 फरवरी से लागू होने की संभावना
राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा के अनुसार, इस नई दर्शन प्रणाली को 15 फरवरी 2026 से शुरू किया जा सकता है। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए इसे 'पास प्रणाली' के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इससे सुरक्षा व्यवस्था बनी रहेगी और भक्तों को लंबी कतारों में उलझने के बजाय व्यवस्थित तरीके से सभी धार्मिक स्थलों के दर्शन मिलेंगे।
निर्माण लागत का लेखा-जोखा
मंदिर निर्माण के बजट को लेकर भी महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं। नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि अब तक करीब 1600 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। पूरे मंदिर निर्माण की कुल अनुमानित लागत 1800 से 1900 करोड़ रुपये के बीच रहने की संभावना है। निर्माण में लगी सभी एजेंसियों से जीएसटी (GST) और अन्य करों सहित खर्च का पूरा विवरण मांगा गया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।