Edited By Sarita Thapa,Updated: 07 Feb, 2026 08:41 AM

22 जनवरी 2024 को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का उद्घाटन किया था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि महज 24 महीनों में यह शहर दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों को पीछे छोड़ देगा।
Ayodhya Ram Mandir News : 22 जनवरी 2024 को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का उद्घाटन किया था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि महज 24 महीनों में यह शहर दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों को पीछे छोड़ देगा। आज 2026 में, अयोध्या ने न केवल करोड़ों दिलों को जोड़ा है, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में $4 अरब (लगभग 33,000 करोड़ रुपये) से अधिक का योगदान देकर एक नया अध्याय लिख दिया है।
50 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन
सरकारी आंकड़ों और मंदिर ट्रस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो वर्षों में 50 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने राम लला के चरणों में मत्था टेका है। मंदिर में प्रतिदिन 1 लाख से 1.5 लाख भक्त पहुंच रहे हैं। यह आंकड़ा अमेरिका की कुल जनसंख्या से भी अधिक है और इसने वेटिकन सिटी व मक्का जैसे वैश्विक धार्मिक स्थलों के वार्षिक फुटफॉल को भी चुनौती दी है।
$4 अरब का निवेश और बुनियादी ढांचे में क्रांति
अयोध्या अब केवल मंदिरों का शहर नहीं, बल्कि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक 'स्मार्ट सिटी' बन चुका है।
महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा: 30 से अधिक दैनिक उड़ानों के साथ यह क्षेत्र की लाइफलाइन बन चुका है।
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर: पिछले 2 सालों में 70 से अधिक नए होटल और होम-स्टे खुले हैं, जिनमें ताज और मैरियट जैसे बड़े ब्रांड्स शामिल हैं।
रोजगार के अवसर: पर्यटन बढ़ने से स्थानीय स्तर पर लगभग 5 लाख नए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं।
बदलती अर्थव्यवस्था
अयोध्या अब उत्तर प्रदेश की GSDP में लगभग 1.5% से 2% का योगदान दे रही है। राम मंदिर ट्रस्ट को अब तक 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का दान मिल चुका है, जिसका उपयोग जन-कल्याणकारी परियोजनाओं और शहर के सौंदर्यीकरण में किया जा रहा है। 2025 के अंत तक मंदिर का संपूर्ण परिसर पूरा होने के बाद, आर्थिक विशेषज्ञों का अनुमान है कि यहां का वार्षिक कारोबार 18,000 करोड़ रुपये के पार जा सकता है।
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