Edited By Sarita Thapa,Updated: 19 Jan, 2026 09:31 AM

मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर कान्हा की नगरी में श्रद्धालुओं का जनसैलाब कुछ इस कदर उमड़ा कि मथुरा-वृंदावन की गलियां छोटी पड़ गईं। कड़कड़ाती ठंड के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी, लेकिन भारी भीड़ के दबाव ने प्रशासन के पसीने छुड़ा दिए।
Banke Bihari Mandir : मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर कान्हा की नगरी में श्रद्धालुओं का जनसैलाब कुछ इस कदर उमड़ा कि मथुरा-वृंदावन की गलियां छोटी पड़ गईं। कड़कड़ाती ठंड के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी, लेकिन भारी भीड़ के दबाव ने प्रशासन के पसीने छुड़ा दिए। सुबह मंगला आरती के समय से ही मंदिर की ओर जाने वाले संकरे रास्तों और कुंज गलियों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। विद्यापीठ और जुगलघाट जैसे मुख्य एंट्री पॉइंट्स पर घंटों लंबा जाम लगा रहा।
हाड़ कंपाने वाली ठंड के बीच भी भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे पुलिसकर्मियों और सुरक्षा गार्डों की हालत पस्त हो गई। बैरिकेडिंग पर दबाव इतना ज्यादा था कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को काफी संघर्ष करना पड़ा। मंदिर प्रांगण के अंदर माला-प्रसाद चढ़ाने की होड़ और दर्शन के लिए मची आपाधापी के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कई श्रद्धालुओं को बांके बिहारी की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। भीड़ के बेकाबू होते हालात को देखते हुए प्रशासन ने कई जगहों पर बैरियर लगाकर श्रद्धालुओं को रुक-रुक कर आगे भेजा, जिससे बाजार क्षेत्रों में भी काफी दबाव बढ़ गया।
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