Edited By Sarita Thapa,Updated: 10 Mar, 2026 08:03 AM

अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। इस बार हिंदू नव वर्ष यानी नव संवत्सर 19 मार्च 2026 के अवसर पर अयोध्या नगरी एक ऐतिहासिक पल की गवाह बनने जा रही है। इस खास मौके पर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रामलला के दरबार में हाजिरी...
Ayodhya Ram mandir news : अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। इस बार हिंदू नव वर्ष यानी नव संवत्सर 19 मार्च 2026 के अवसर पर अयोध्या नगरी एक ऐतिहासिक पल की गवाह बनने जा रही है। इस खास मौके पर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रामलला के दरबार में हाजिरी लगाने आ रही हैं। राम मंदिर के निर्माण के बाद यह पहला अवसर होगा जब नव संवत्सर इतने विशाल स्तर पर मनाया जाएगा। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए राम जन्मभूमि परिसर में सुरक्षा और स्वागत की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं।
नृपेंद्र मिश्र ने खुद संभाली जिम्मेदारी
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र इस पूरे कार्यक्रम की बारीकियों पर खुद नजर रख रहे हैं। हाल ही में हुई निर्माण समिति की बैठक में उन्होंने राष्ट्रपति की अगवानी और मंदिर परिसर में होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की है। नृपेंद्र मिश्र का कहना है कि यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि उन लोगों के सम्मान के लिए भी खास है जिन्होंने इस मंदिर को बनाने में अपना पसीना बहाया है।
कर्मयोगियों का होगा सम्मान
राष्ट्रपति के इस दौरे का एक मुख्य आकर्षण श्रमिकों का सम्मान होगा। मंदिर निर्माण में लगे लगभग 400 कर्मयोगियों को राष्ट्रपति अपने हाथों से सम्मानित करेंगी। यह उन लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने का एक तरीका है जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर भव्य मंदिर के सपने को सच किया।
श्री राम यंत्र की स्थापना
खबरों के अनुसार, राष्ट्रपति मंदिर की दूसरी मंजिल पर स्थित श्री राम यंत्र का उद्घाटन भी कर सकती हैं। यह यंत्र वैदिक गणित और ज्यामिति के आधार पर तैयार किया गया है, जिसे सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। इसके अलावा, वह मंदिर परिसर में बन रही नई गैलरी और अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण भी करेंगी।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सूचना
राष्ट्रपति के आगमन और सुरक्षा कारणों से 19 मार्च को राम मंदिर में दर्शन की व्यवस्था में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। ट्रस्ट ने फैसला लिया है कि उस दिन सुबह से शाम तक विशेष 'दर्शन पास' जारी नहीं किए जाएंगे, ताकि सुरक्षा और प्रोटोकॉल का पालन सही ढंग से हो सके।
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