Edited By Niyati Bhandari,Updated: 08 Jan, 2026 02:08 PM

Chandra Grahan 2026: हिंदू धर्म में ग्रहणों को केवल खगोलीय घटना नहीं, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण काल माना गया है। वर्ष 2026 में कुल चार ग्रहण पड़ेंगे, लेकिन इनमें से सिर्फ एक चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। यह ग्रहण विशेष...
Chandra Grahan 2026: हिंदू धर्म में ग्रहणों को केवल खगोलीय घटना नहीं, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण काल माना गया है। वर्ष 2026 में कुल चार ग्रहण पड़ेंगे, लेकिन इनमें से सिर्फ एक चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। यह ग्रहण विशेष इसलिए भी है क्योंकि यह होलिका दहन (छोटी होली) के पावन पर्व पर लग रहा है। भारत में दृश्य होने के कारण इसका सूतक काल भी मान्य रहेगा।

Chandra Grahan 2026 Date: कब लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण?
हिंदू पंचांग के अनुसार साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026, मंगलवार को लगेगा। यह दिन फाल्गुन पूर्णिमा का है, जिस दिन होलिका दहन किया जाता है। ग्रहण के कारण इस दिन पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों में विशेष सावधानी रखने की सलाह दी जाती है।
चंद्र ग्रहण 2026 का समय (India Time)
उपच्छाया स्पर्श: दोपहर 02:16 बजे
प्रच्छाया प्रारंभ: 03:21 बजे
ग्रहण का स्पष्ट दृश्य: शाम 06:26 से 06:46 बजे तक
प्रच्छाया समाप्त: 06:46 बजे
उपच्छाया समाप्त: शाम 07:52 बजे
यह चंद्र ग्रहण भारत के अधिकांश हिस्सों में देखा जा सकेगा।

Chandra Grahan 2026 Sutak Time
चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्य है, इसलिए सूतक काल मान्य होगा।
सामान्य सूतक: सुबह 09:39 से शाम 06:46 बजे तक
बच्चों, वृद्धों और रोगियों के लिए सूतक: दोपहर 03:28 से 06:46 बजे तक
सूतक के दौरान मंदिर प्रवेश, पूजा और शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
किस राशि और नक्षत्र में लगेगा चंद्र ग्रहण?
यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा। शास्त्रों के अनुसार, इस राशि और नक्षत्र से जुड़े लोगों को ग्रहण काल में
वाणी और व्यवहार में संयम, मानसिक संतुलन, अनावश्यक निर्णयों से बचाव की सलाह दी जाती है।

धार्मिक मान्यताएं और सावधानियां
ग्रहण काल में मंत्र जप और ध्यान करना शुभ होता है।
ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान आवश्यक है।
गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए
होलिका दहन जैसे बड़े पर्व पर लगने वाला यह चंद्र ग्रहण आस्था और सावधानी दोनों की परीक्षा है। शास्त्रीय नियमों का पालन कर व्यक्ति नकारात्मक प्रभाव से बच सकता है और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त कर सकता है।
