Edited By Sarita Thapa,Updated: 12 Apr, 2026 08:48 AM

चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। केदारनाथ धाम जाने वाले मुख्य मार्ग पर गुप्तकाशी से गौरीकुंड के बीच का लगभग 32 किलोमीटर का हिस्सा इस बार यात्रियों के धैर्य की परीक्षा ले सकता है।
Char Dham Yatra 2026 : चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। केदारनाथ धाम जाने वाले मुख्य मार्ग पर गुप्तकाशी से गौरीकुंड के बीच का लगभग 32 किलोमीटर का हिस्सा इस बार यात्रियों के धैर्य की परीक्षा ले सकता है।
फाटा और तरसाली के बीच का डेंजर जोन
प्रशासन और भू-वैज्ञानिकों ने फाटा से आगे तरसाली के पास के क्षेत्र को बेहद संवेदनशील घोषित किया है। यह हिस्सा लैंडस्लाइड के प्रति अति-संवेदनशील है। हल्की बारिश होने पर भी यहाँ पहाड़ों से पत्थर गिरने या मलबा आने का खतरा बना रहता है, जिससे यात्रा बाधित हो सकती है।
32 किमी का चुनौतीपूर्ण सफर
गुप्तकाशी से गौरीकुंड तक की दूरी भले ही सड़क मार्ग से तय की जाती है, लेकिन संकरी सड़कें, भारी ट्रैफिक और खराब पैच के कारण यह 32 किमी का सफर कई घंटों का समय ले सकता है। फाटा, सोनप्रयाग और गौरीकुंड जैसे पड़ावों पर भीड़ के कारण जाम की स्थिति भी यात्रियों को सता सकती है।
सोनप्रयाग और गौरीकुंड में सख्त नियम
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच शटल सेवा और पैदल आवाजाही के लिए सख्त समय सीमा (SOP) तय की है। फाटा के संवेदनशील इलाकों में ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
मौसम पर नजर: फाटा और तरसाली के पास से गुजरते समय स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और मौसम विभाग की चेतावनी को नजरअंदाज न करें।
समय का प्रबंधन: सोनप्रयाग में भीड़ से बचने के लिए अपनी यात्रा तड़के शुरू करें।
तरसाली के पास सावधानी: इस संवेदनशील जोन को पार करते समय वाहन की गति धीमी रखें और पहाड़ों से गिरने वाले पत्थरों के प्रति सचेत रहें।
पंजीकरण अनिवार्य: बिना वैध रजिस्ट्रेशन के आगे न बढ़ें, क्योंकि सुरक्षा चेकपोस्ट पर कड़ी जांच की जा रही है।
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