Kailash Mansarovar Yatra 2026 : कैलाश यात्रा करने से पहले पढ़ें भगवान शिव के धाम से जुड़े अनसुलझे रहस्य

Edited By Updated: 13 May, 2026 04:46 PM

kailash mansarovar yatra 2026

अगर आप साल 2026 में महादेव के निवास स्थान, कैलाश मानसरोवर जाने का सपना देख रहे हैं, तो अपनी प्लानिंग करने से पहले कुछ  जरूरी बातों का ध्यान रखना  बहुत जरूरी है। एक तरफ महादेव का बुलावा है, तो दूसरी तरफ बढ़ती महंगाई का तगड़ा झटका।

Kailash Mansarovar Yatra update : अगर आप साल 2026 में महादेव के निवास स्थान, कैलाश मानसरोवर जाने का सपना देख रहे हैं, तो अपनी प्लानिंग करने से पहले कुछ  जरूरी बातों का ध्यान रखना  बहुत जरूरी है। एक तरफ महादेव का बुलावा है, तो दूसरी तरफ बढ़ती महंगाई का तगड़ा झटका। इस साल कैलाश यात्रा के खर्च में भारी बढ़ोतरी हो गई है और यात्रियों की जेब पर पड़ने वाला है 35,000 का बड़ा झटका। आखिर क्यों अचानक बढ़ गए दाम और क्या है इस पर्वत का वो रहस्य जिसे आज तक नासा NASA भी नहीं सुलझा पाया। तो आइए विस्तार से जानते हैं कैलाश मानसरोवर यात्रा के बारे में- 

सबसे जानते हैं उस खबर के बारे में जिसने श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है। साल 2026 में कैलाश मानसरोवर यात्रा के बजट में कुल 35,000 की भारी बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल तक जो यात्रा लगभग 1.74 लाख में हो जाती थी, उसका खर्च अब 2.09 लाख तक पहुंच गया है।

Kailash Mansarovar Yatra update

क्या इसका कारण है?
इसकी सबसे बड़ी वजह है अमेरिकी डॉलर की बढ़ती कीमत। चूंकि यात्रा का एक बड़ा हिस्सा चीन और विदेशी सेवाओं के भुगतान से जुड़ा है, इसलिए डॉलर महंगा होते ही आपकी यात्रा भी महंगी हो गई। इसमें से करीब 65,000 आपको सीधे कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) को देने होंगे, जो आपकी सुविधाओं का ख्याल रखते हैं।

कैलाश मानसरोवर यात्रा जुड़ी खास बातें
कैलाश पर्वत के पास जाते ही 'टाइम' की गति बदल जाती है। यात्रियों का दावा है कि यहां उनके बाल और नाखून 2-3 दिनों में ही इतने बढ़ जाते हैं जितने सामान्य तौर पर 2 हफ़्तों में बढ़ते हैं।

क्या आप जानते हैं कि दुनिया की सबसे ऊंची चोटी 'माउंट एवरेस्ट' पर हज़ारों लोग चढ़ चुके हैं, लेकिन कैलाश पर्वत पर आज तक कोई नहीं चढ़ पाया ! कई पर्वतारोहियों ने कोशिश की, लेकिन जैसे ही वो ऊपर चढ़ते हैं, दिशा भ्रमित हो जाते हैं या अचानक मौसम जानलेवा हो जाता है। लोग कहते हैं यहां आज भी महादेव साक्षात निवास करते हैं।

यहां की हवाओं में एक निरंतर गूंज सुनाई देती है, जैसे कहीं दूर शंख बज रहा हो या कोई 'ॐ' का जाप कर रहा हो। विज्ञान कहता है कि यह बर्फ के पिघलने की आवाज़ है, पर भक्तों के लिए यह शिव की ध्वनि है।

Kailash Mansarovar Yatra update

दो झीलों का रहस्य
यहां दो झीलें हैं, मानसरोवर (मीठे पानी की झील) और राक्षस ताल (खारे पानी की झील)। एक का आकार सूर्य जैसा है और दूसरी का चंद्रमा जैसा। हैरानी की बात यह है कि राक्षस ताल का पानी इतना शांत है कि वहां कोई लहर नहीं उठती और ना ही कोई जीव वहां जीवित रहता है।

कैलाश मानसरोवर यात्रा के रास्ते और नियम 
समुद्र तल से 22,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस धाम तक पहुंचने के 3 मुख्य रास्ते हैं।
लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड): यह सबसे छोटा रास्ता है (65 किमी)।
काठमांडू (नेपाल): यह सबसे लोकप्रिय रास्ता है (500 किमी)।
नाथुला दर्रा (सिक्किम): लंबी दूरी का रास्ता (802 किमी)।

कौन जा सकता है?
कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने वाले यात्री की उम्र 18 से 70 साल के बीच होनी चाहिए।

मेडिकल सर्टिफिकेट सबसे ज़रूरी डॉक्यूमेंट है, क्योंकि कम ऑक्सीजन में सर्वाइव करना सबके बस की बात नहीं।

यात्रा से पहले दिल्ली में 3 दिन की कड़ी ट्रेनिंग और मेडिकल टेस्ट से गुज़रना पड़ता है।

कैलाश पर्वत सिर्फ हिंदुओं के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए पवित्र है।

Kailash Mansarovar Yatra update

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!