Edited By Niyati Bhandari,Updated: 03 Nov, 2026 06:53 AM

Diwali Do's and Don'ts: दिवाली पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए सही नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। जानें, दिवाली के दिन कौन-से काम करने से दरिद्रता आती है और किन नियमों से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
Diwali Do's and Don'ts: दीपावली खुशियों, रोशनी और मां लक्ष्मी के स्वागत का महापर्व है। इस पावन अवसर पर हर कोई अपने घर-परिवार में सुख-समृद्धि और वैभव लाने के लिए हर संभव प्रयास करता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली के दिन देवी लक्ष्मी भक्तों के घर में प्रवेश करती हैं। हालांकि, जाने-अनजाने में की गई कुछ गलतियां घर में दरिद्रता और परेशानियों को आमंत्रण दे सकती हैं। यदि आप चाहते हैं कि आपके घर में वर्ष भर धन-धान्य और शांति बनी रहे, तो दिवाली के दिन विशेष सावधानियां बरतनी आवश्यक हैं।

Don'ts on Diwali दिवाली के दिन भूलकर भी न करें ये काम
काम भावना और अधर्म से दूरी बनाएं: दीपावली का पर्व अत्यंत पवित्र होता है। इस दिन पूर्ण रूप से ब्रह्मचर्य का पालन करें तथा मन में किसी भी प्रकार की काम भावना या नकारात्मक विचार न लाएं।
द्वेष और सामाजिक बुराइयों से बचें: यह त्यौहार प्रेम और सद्भाव का प्रतीक है। किसी के प्रति ईर्ष्या, द्वेष या सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का संकल्प लें।
जुआ खेलने की कुप्रथा से दूर रहें: यद्यपि कुछ लोग शगुन के तौर पर जुआ खेलते हैं, लेकिन यह एक सामाजिक बुराई है। देवी लक्ष्मी कभी भी ऐसे स्थानों या व्यक्तियों के पास नहीं ठहरतीं जहां अनैतिक आचरण हो।
नशा व धूम्रपान न करें: त्यौहार के दिन किसी भी प्रकार का नशा या धूम्रपान न करें और न ही किसी को करने दें। इससे न केवल घर का माहौल प्रभावित होता है बल्कि आगजनी जैसी दुर्घटनाओं का भी खतरा रहता है।
पर्यावरण व धन की बर्बादी न करें: अत्यधिक आतिशबाजी फुलाकर पैसे और पर्यावरण का नुकसान करने से बचें। पटाखों की जगह मिट्टी के दीयों की रोशनी से अपने घर और गली को जगमग करें।
अहंकार व वाद-विवाद से बचें: घर में क्लेश या किसी से कहासुनी न करें। शांति और सौहार्द का माहौल बनाए रखें।

Do's on Diwali मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए जरूर करें ये काम
पवित्रता और स्नान: प्रातःकाल स्नान करने के उपरांत ही पूरी पवित्रता के साथ पूजा-अर्चना की तैयारी आरंभ करें।
मुख्य द्वार और मंदिर की सजावट: घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल को ताजे फूलों से सजाएं। ताजे फूल घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
भेदभाव रहित उपहार बांटें: परिवार के सभी सदस्यों और प्रियजनों को बिना किसी भेदभाव के एक समान उपहार भेंट करें।
बड़ों का आशीर्वाद लें: घर के बड़े-बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
रात्रि जागरण व मंत्र जप: दिवाली की रात को सोने के बजाय जागकर मां लक्ष्मी के मंत्रों का ध्यान और जप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
याचक को खाली हाथ न लौटाएं: दिवाली के दिन यदि आपके द्वार पर कोई भिक्षुक या जरूरतमंद आए, तो अपनी क्षमता के अनुसार उसे अन्न, वस्त्र या धन का दान अवश्य दें।
दीपावली केवल दीये जलाने का त्यौहार नहीं है, बल्कि यह हमारे मन और समाज से अंधकार को मिटाने का संकल्प है। कानून व शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए सादगीपूर्ण और प्रदूषण रहित तरीके से दिवाली मनाएं। इन धार्मिक व सामाजिक नियमों का पालन करने से जीवन में कभी सुख-समृद्धि की कमी नहीं होगी।
