Edited By Sarita Thapa,Updated: 22 May, 2026 03:51 PM
मिथुन लग्न के जातक जो है उन्हें निवेश करने के लिए उनकी कुंडली में कौन से ग्रहों की कॉम्बिनेशन होनी चाहिए या यदि आपकी कुंडली में वह कॉम्बिनेशन नहीं है या ऐसे भाव खराब है। जहां से ट्रेड, लाभ देखा जाता है, तो आपको क्या बाजार में काम करना चाहिए या नहीं...
Gemini Ascendant : मिथुन लग्न के जातक जो है उन्हें निवेश करने के लिए उनकी कुंडली में कौन से ग्रहों की कॉम्बिनेशन होनी चाहिए या यदि आपकी कुंडली में वह कॉम्बिनेशन नहीं है या ऐसे भाव खराब है। जहां से ट्रेड, लाभ देखा जाता है, तो आपको क्या बाजार में काम करना चाहिए या नहीं करना चाहिए। सबसे पहला कॉम्बिनेशन होता है चंद्रमा और सूर्य। यदि चंद्रमा और सूर्य आपकी कुंडली में पासपास में है। यदि आपका चंद्रमा मिथुन राशि में ही है और आपका सूर्य या तो 12 भाव में है या दूसरे भाव में है। यानी कि या तो वह दो राशि में है या चार राशि में है, तो आपका चंद्रमा खराब है। आपको बाजार में नुकसान हो सकता है। सेबी बोलता है कि 90% निवेशक जो हैं वह बाजार में जो इंट्राडे में काम करते हैं या फ्यूचर ऑप्शन में काम करते हैं, वह बाजार में पैसा गवा के निकलते हैं। वह ऐसे ही निवेशक होते हैं जिनका चंद्रमा खराब होता है। चंद्रमा मन का कारक होता है। ग्रीड एंड फेयर का शिकार वही लोग होते हैं जिनकी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति वीक होती है। वह लोग अच्छा मुनाफा नहीं काट पाते।
100 का शेयर लेते हैं 110 पे आता है काट देते हैं। वह शेयर 200 पे चला जाता है 100 का शेयर लेते हैं 90 पे आता है। वह काट देते हैं। वह वहीं से रिवर्सल ले लेता है। तो, ऐसी स्थिति में यदि चंद्रमा कुंडली में खराब है, तो ऐसी स्थिति आती है और आप बाजार से लाभ नहीं ले पाते। मिथुन लग्न की पत्रिका है। आपका चंद्रमा दशम भाव में पड़ा है।12 राशि का ही चंद्रमा हो गया। यदि आपका सूर्य एक या दो राशि में पड़ा हुआ है, तो आपको नुकसान हो सकता है। 11 राशि का सूर्य है। 12 राशि का चंद्रमा है तो भी आपका चंद्रमा खराब है। तो यह तो चंद्रमा की स्थिति है। हमारे वारेन बफे जो हैं उनकी कुंडली का यदि हम विश्लेषण करते हैं, तो वारण बफे की कुंडली में चंद्रमा और सूर्य का डिस्टेंस 99 डिग्री है और यदि हम राकेश झुंझुनुवाला जी की कुंडली का एनालिसिस करते हैं, तो उनकी कुंडली में चंद्रमा और सूर्य का डिस्टेंस 130° है। तो 130° और 90, 99° तो लगभग 100° और 130° का अंतर है। दूसरा आपकी कुंडली में यह तो चंद्रमा की स्थिति हो गई। चंद्रमा की स्थिति यदि खराब है तो आपको ट्रेड में नहीं आना चाहिए। यदि आप फ्यूचर ऑप्शन में काम करते हैं, इंट्राडे में काम करते हैं। यदि आपका भाव 12वां भाव खराब है। 12वें भाव में आपके यहां पर वृषभ राशि आ रही है। 12वें भाव में शनि बैठे हुए हैं और आपके पंचम भाव में मंगल बैठे हैं और वहां से मंगल की दृष्टि जाएगी। अष्टम दृष्टि जाएगी आपके 12वें भाव के ऊपर।
मान लीजिए मंगल छठे में बैठे हैं, तो भी यह एक्सिस में आ जाएंगे। सम सप्तक में आ जाएंगे। यदि 12वां भाव दो या दो से ज्यादा पाप ग्रहों के प्रभाव में है या दो से ज्यादा पाप ग्रह 12वें भाव में बैठे हैं, तो भी बाजार में मत आइए। यह बाजार आपके लिए नहीं है। इंट्राडे में तो आप डेफिनेटली फंस जाएंगे। स्पेकुलेशन में आप डेफिनेटली फंस जाएंगे। वह काम मत करिए क्योंकि 12वां स्पकुलेशन का भाव होता है। दूसरा पंचम भाव जो इजी गेन का भाव होता है उसके कारक गुरु होते हैं। यदि पंचम भाव की स्थिति खराब है। पंचम भाव को केतु देख रहा है। मंगल देख रहा है। शनि देख रहा है। मान लीजिए राहु आपका तीसरे भाव में पड़ा हुआ है और शनि आपका 11वें में पड़ा हुआ है और केतु आपका नाइंथ हाउस में पड़ा हुआ है। तो ऐसी स्थिति में दो पाप ग्रह यहां पर देख लेंगे। केतु पंचम को देख लेगा। शनि भी पंचम को देख लेगा। तो पंचम आपका पीड़ित हो जाएगा। तो यदि ये स्थिति बनती है, तो भी आपको बाजार में नहीं आना चाहिए। तीन लग्न की यदि पत्रिका बनाएंगे तो यहां पर सिर्फ पंचम पीड़ित नहीं होगा। 11वां भी पीड़ित हो जाएगा। क्योंकि 11वें में शनि खुद विराजमान है। राहु तीसरे पे बैठकर उसको दृष्टि देंगे तो 11वां भी पीड़ित हो गया। 11वां आय का स्थान होता है। इस भाव के कारक गुरु होते हैं। हालांकि आपके लिए आय स्थान के स्वामी मंगल होंगे। लेकिन कारक गुरु ही रहेंगे उस भाव के। आपकी कुंडली में जो दूसरा भाव है जो चंद्रमा का ही भाव है। धन भाव चंद्रमा का भाव है लेकिन धन भाव के कारक भी गुरु होते हैं। तो यदि चंद्रमा खराब है, गुरु खराब है, मंगल खराब है और ट्रेड का कारक बुध खराब है तो मिथुन राशि के जितने भी जातक हैं उनको इंट्राडे ट्रेड से थोड़ा सा गुरेज करना चाहिए। आपकी कुंडली में बहुत अच्छी पोजीशन हो धन भाव के स्वामी की। आय भाव के स्वामी की और चंद्रमा की तो बाजार में रहिए। अदरवाइज बाजार आपके लिए नहीं है।
दूसरा यदि आपकी कुंडली में मान लीजिए यह चीजें पीड़ित हो गई हैं और आपकी कुंडली में आय भाव, धन भाव और चंद्रमा जो है क्योंकि आय भाव का स्वामी आपके लिए मंगल हो गया। चंद्रमा लिक्विड मनी का कारक हो गया। चंद्रमा धन भाव का स्वामी भी है और गुरु भी है। मान लीजिए चंद्र मंगल गुरु एक साथ बैठ गए तो यह दो चीज़ करेंगे। एक तो गुरु और चंद्रमा दोनों मिलकर गजकेसरी योग की फॉर्मेशन करते हैं। गुरु और चंद्रमा और मंगल यह दोनों मिलकर लक्ष्मी योग की फॉर्मेशन करते हैं। यदि ये तीनों ही मिल जाएंगे तो ये तीनों आपस में मित्र है, तो यह कॉम्बिनेशन अच्छा बन जाएगा क्योंकि यह बेसिकली जो पैसा आता है वो लिक्विड मनी आपका चंद्रमा से आता है। धन जो आप संचित कर लेते हैं वह आपका गुरु से आता है और इमेंस मनी जो बहुत ज्यादा पैसा आता है वह आपका शुक्र से आता है। यदि शुक्र का संबंध बन जाता है गुरु के साथ किसी तरीके से चंद्रमा के साथ किसी तरीके से चंद्रमा गुरु और शुक्र इकट्ठे एक साथ हो जाते हैं या आपका धन स्थान का स्वामी आय स्थान का स्वामी मंगल और चंद्रमा एक साथ हो जाते हैं, तो डेफिनेटली बाजार में आपको फायदा हो सकता है। यदि 12वां पीड़ित है यदि गुरु पीड़ित है, पंचम पीड़ित है तो बाजार में आपको नहीं आना चाहिए। बाजार आपके लिए नहीं है, तो मिथुन राशि के जितने भी जातक हैं वह इन कॉम्बिनेशंस का जरूर ध्यान रखें।
बाजार में आने से पहले बहुत सारे निवेशक जो हैं वह कुंडली सोल्जर जो है वह कुंडली को एनालाइज़ करते हैं। लेकिन सामान्य तौर पर देखा गया है कि जब आप कुंडली एनालाइज करवाने जाते हैं, तो एस्ट्रोलॉजर देखता है कि आपका आय भाव अच्छा है, धन भाव अच्छा है। गुरु की पोजीशन ठीक है, तो आपको सलाह दे दी जाती है बाजार में काम करने की। लेकिन चंद्रमा की स्थिति बहुत इंपॉर्टेंट है। बुध की स्थिति बहुत इंपॉर्टेंट है। वारेन बफे जी ने और राकेश झुंझुनवाला जी ने दोनों ने जब ट्रेड शुरू किया था तो बुध की दशा में शुरू किया था। बफे जी ने 11 साल की ऐज में शुरू किया था। वो शनि के नक्षत्र में पैदा हुए थे और जब 11 साल के थे तो उनके ऊपर बुध की दशा चल रही थी। राकेश झुंझुनवाला ने 1985,1990 के बीच में ट्रेड शुरू किया था। उस समय उनके ऊपर बुध की दशा चल रही थी। बुध की पोजीशन आपको जरूर देखनी चाहिए। बुध आपके लिए राशि का यानी कि लग्न का स्वामी भी है और आपके लिए फोर्थ हाउस का स्वामी भी है, तो यह आपके लिए अच्छा होना चाहिए। फोर्थ हाउस पब्लिक का मनी होता है। जनता का पैसा फोर्थ हाउस से देखा जाता है।आपको सबसे पहले तो बुध देखना है। यानी कि लाभ और नुकसान लग्न को होगा। बुध ट्रेड का कारक है और चंद्रमा देखें। इसके अलावा गुरु देखें, मंगल देखें और पंचम भाव और 12वां भाव जरूर देखें। यदि यह चीजें ठीक है तो ट्रेड करें। अदरवाइज बाजार आपके लिए नहीं है। जबरदस्ती बाजार में मत घुसे। इससे आपको नुकसान हो सकता है।
नरेश कुमार
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