Edited By Niyati Bhandari,Updated: 08 Sep, 2026 01:50 PM

पंजाब के ग्रीन मैन ऑफ लुधियाना ने अब आने वाले 5 सालों में देशभर में 1000 जंगल बनाने का फैसला किया है। लुधियाना में अकेले अपने दम पर 25 मिनी जंगल बनाने के बाद भारतीय राजस्व सेवा (आई.आर.एस.) अधिकारी रोहित मेहरा ने ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिए नई...
चंडीगढ़ (अर्चना): पंजाब के ग्रीन मैन ऑफ लुधियाना ने अब आने वाले 5 सालों में देशभर में 1000 जंगल बनाने का फैसला किया है। लुधियाना में अकेले अपने दम पर 25 मिनी जंगल बनाने के बाद भारतीय राजस्व सेवा (आई.आर.एस.) अधिकारी रोहित मेहरा ने ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिए नई योजना बनाई है।
मुंबई में मैट्रो कार शेड के लिए 2600 से ज्यादा पेड़ कटने की योजना ने पर्यावरण प्रेमियों को जहां निराश किया। वहीं, लुधियाना में बैठे एक शख्स ने उन प्रेमियों को अकेले अपने दम पर 2 साल में 25 मिनी जंगल खड़े कर न सिर्फ रिकार्ड बनाने का काम किया, बल्कि उन्हें नए जोश से भी भर दिया है।
लोगों ने खाली जगहों पर बनवाए ‘मिनी जंगल’
लुधियाना में बनाए इन ‘मिनी जंगलों’ का आकार 500 स्क्वायर फीट से लेकर 4 एकड़ तक है। लुधियाना रेलवे स्टेशन पर वर्टिकल गार्डन बनाने के बाद ग्रीन मैन ऑफ लुधियाना रोहित ने पंजाब में 75 वर्टिकल गार्डन बनाए। 41 वर्षीय रोहित बताते हैं, वर्टिकल गार्डन के बाद लोग मुझे अपनी खाली जगहों को जंगल में बदलने के लिए संपर्क करने लगे हैं। शुुरूआत जगराओं के एक उद्योगपति के 6,000 स्क्वायर फीट प्लॉट से हुई, जो राइस ब्रान ऑयल फैक्ट्री चलाते थे और प्रदूषण को कम करने के लिए जंगल बनाना चाहते थे। लुधियाना में प्रदूषण की स्थिति इतनी गंभीर है कि कभी-कभी स्कूलों में 3-4 दिन की छुट्टी घोषित करनी पड़ती है।
‘वृक्षायुर्वेद’ तकनीक से बनाए जंगल
जंगल बनाने के लिए रोहित ने जापानी मियावाकी तकनीक और प्राचीन भारतीय ग्रंथ वृक्षायुर्वेद का सहारा लिया। रोहित ने तकनीक के बारे में बताते हुए कहा कि 2.5 फीट गहरी मिट्टी खोदकर उसमें पत्तों, गोबर और कम्पोस्ट से बनी खाद, पराली, भूसी मिलाई जाती है। फिर नीम, आंवला, हरड़, बेल, अर्जुन, मोरिंगा, गुलमोहर, बरगद, कनेर जैसे देसी पेड़ों को एक साथ सटाकर लगाया जाता है। आज उनके बनाए 25 जंगलों में से 7-8 इंडस्ट्रियल एरिया में हैं। इस काम के लिए सी.आई.आई. (कॉन्फिडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री) ने भी उनसे हाथ मिलाया है।
मां के फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए बनवाया जंगल
ग्रीन मैन रोहित का कहना है कि इस यात्रा से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा है, जिसमें एक उद्योगपति ने अपनी मां को फेफड़ों की बीमारी होने के कारण अपने फार्म हाऊस की आधी एकड़ जमीन को ‘मिनी जंगल’ में बदलने के लिए उनसे संपर्क किया था। रोहित ने लुधियाना के गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब में ‘नानक वन’ भी बनाया है, जो गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित है।
पौधारोपण में स्थानीय समुदाय, एन.जी.ओ. और इंडस्ट्री के लोग खुद वॉलंटियर बनते हैं। इसके अलावा रोहित स्कूलों के साथ मिलकर सीड बॉल (मिट्टी, खाद और बीज से बनी गेंद) बनाने का अभियान भी चलाते हैं। एक बार तो एक लोकल क्रिकेट लीग में जीत का फैसला रनों के साथ-साथ बनाई गई सीड बॉल की संख्या से भी किया गया। रोहित का कहना है कि हम एक टाइम बम पर जी रहे हैं, जहां हवा, पानी और खाना सब दूषित है। अगले पांच साल में मैं देश भर में 1000 जंगल बनाना चाहता हूं।