Jaya Ekadashi Katha: हर संकट से विजय दिलाने वाला है जया एकादशी व्रत, पढ़ें पूरी कथा और महत्व

Edited By Updated: 28 Jan, 2026 12:31 PM

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Jaya Ekadashi Vrat Katha: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। इनमें भी जया एकादशी को संकटों से मुक्ति और विजय प्राप्ति का अत्यंत प्रभावशाली व्रत माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जया एकादशी का व्रत ध्यान, आत्मसंयम और...

Jaya Ekadashi Vrat Katha: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। इनमें भी जया एकादशी को संकटों से मुक्ति और विजय प्राप्ति का अत्यंत प्रभावशाली व्रत माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जया एकादशी का व्रत ध्यान, आत्मसंयम और आत्मशुद्धि का प्रतीक है। यह व्रत मनुष्य को मानसिक और शारीरिक इच्छाओं पर नियंत्रण रखना सिखाता है और संयमित जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

जया एकादशी के दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु की पूजा करने और अपने पापों का प्रायश्चित करने से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता और विजय प्राप्त होती है। इसी कारण इसे विजय की एकादशी भी कहा जाता है।

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Jaya Ekadashi Significance: जया एकादशी व्रत का महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जया एकादशी का व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है जो मानसिक तनाव, रोग, भय या जीवन की कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे हों। इस दिन उपवास रखने से मन को शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

मान्यता है कि जया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की आराधना करने से पुराने पाप नष्ट होते हैं और व्यक्ति को हर संकट से बाहर निकलने की शक्ति मिलती है। यह व्रत जीवन में सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।

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Jaya Ekadashi Katha: जया एकादशी व्रत कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक समय की बात है जब राजा हरिश्चंद्र एक राज्य पर शासन करते थे। वे सत्यवादी और अत्यंत धर्मनिष्ठ राजा थे। एक समय उनके राज्य में लगातार विपत्तियां आने लगीं। हर ओर संकट और दुख का माहौल था, जिससे राजा अत्यंत चिंतित रहने लगे।

एक दिन उनके राज्य में एक विद्वान ब्राह्मण आए। उन्होंने राजा हरिश्चंद्र से कहा,“हे राजन! यदि आप अपने राज्य की विपत्तियों को समाप्त करना चाहते हैं, तो आपको जया एकादशी का व्रत करना चाहिए। इस व्रत से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और राज्य में फिर से सुख-समृद्धि लौट आती है।”

राजा हरिश्चंद्र ने ब्राह्मण की बात मान ली और पूरी श्रद्धा व भक्ति के साथ जया एकादशी का व्रत किया। उन्होंने दिनभर उपवास रखा, भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा की और रात्रि में जागरण किया।

व्रत के प्रभाव से शीघ्र ही राजा के राज्य से सभी संकट दूर हो गए। चारों ओर खुशहाली और समृद्धि लौट आई। भगवान विष्णु ने राजा को आशीर्वाद दिया और उनके राज्य को पुनः वैभवशाली बना दिया।

Jaya Ekadashi Message: क्या सिखाती है यह कथा
इस कथा से यह संदेश मिलता है कि जया एकादशी का व्रत केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह जीवन की कठिन परिस्थितियों से निपटने का एक ताकतवर आध्यात्मिक उपाय है। श्रद्धा, संयम और भक्ति के साथ किया गया यह व्रत व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्मबल और विजय प्रदान करता है।

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