Edited By Sarita Thapa,Updated: 03 Oct, 2026 10:32 AM

हिंद धर्म में कालाष्टमी व्रत का बहुत खास महत्व है। हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भगवान शिव के ही एक स्वरूप बाबा काल भैरव की कृपा पाने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।
Kalashtami Kaal Bhairav Upay : हिंद धर्म में कालाष्टमी व्रत का बहुत खास महत्व है। हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भगवान शिव के ही एक स्वरूप बाबा काल भैरव की कृपा पाने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, काल भैरव की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा करने और व्रत रखने से इंसान के जीवन से भय, बीमारियां, नकारात्मक शकतियां और अकाल मृत्यु का डर हमेशा-हमेशा के लिए खतद्म हो जाता है। यदि आपके जीवन में भी परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं, तो कालाष्टमी पहर भक्तिभाव से बाबा काल भैरव के कुछ खास जरूर करें।
कालाष्टमी पर किए जाने वाले उपाय
काले कुत्ते को खिलाएं मीठी रोटी या बिस्कुट
भगवान काल भैरव का वाहन काला कुत्ता माना गया है। कालाष्टमी के दिन किसी काले कुत्ते को सरसों के तेल में चुपड़ी हुई रोटी, मीठी पूड़ी या बिस्कुट खिलाएं। ऐसा करने से बाबा भैरव तुरंत प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को राहु-केतु व शनि दोष के दुष्प्रभावों से मुक्ति मिलती है।
सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं
शाम या रात के समय काल भैरव या भगवान शिव के मंदिर में जाकर सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं। दीपक में थोड़ी सी काली उड़द के दाने या काले तिल डाल दें। इससे घर की आर्थिक तंगी दूर होती है और रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बनते हैं।

काल भैरव अष्टकम का पाठ
कालाष्टमी की रात पूजा के समय 'कालभैरवाष्टकम्' का पाठ करना बेहद फलदायी होता है। यदि पूरा पाठ न कर सकें, तो "ॐ कालभैरवाय नमः" या "ॐ भयंकरॉय नमः" मंत्र की कम से कम 108 बार जाप माला फिरें। इससे मन से हर तरह का डर और तनाव पूरी तरह दूर हो जाता है।
उड़द के बड़े और जलेबी का भोग लगाएं
पूजा के दौरान बाबा भैरव को उड़द की दाल के बड़े, इमरती या बेसन की मिठाइयों का भोग अर्पित करें। इसके बाद इस प्रसाद को गरीबों या जरूरतमंदों में बांट दें। माना जाता है कि इस उपाय से नौकरी और व्यापार में आ रही रुकावटें तुरंत खत्म होती हैं।

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