काशी को मिली देश की पहली हाइड्रोजन जलयान की सौगात, नमो घाट से केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने झंडी दिखाकर किया रवाना

Edited By Updated: 12 Dec, 2025 07:58 AM

kashi hydrogen ship

वाराणसी (उ.प्र.) (प.स.): केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने नमो घाट से बृहस्पतिवार को वाराणसी (काशी) में 50 सीटर भारत के पहले स्वदेशी हाइड्रोजन ‘फ्यूल सैल’ जलयान को हरी झंडी दिखाकर वाणिज्यिक संचालन की शुरूआत की।

वाराणसी (उ.प्र.) (प.स.): केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने नमो घाट से बृहस्पतिवार को वाराणसी (काशी) में 50 सीटर भारत के पहले स्वदेशी हाइड्रोजन ‘फ्यूल सैल’ जलयान को हरी झंडी दिखाकर वाणिज्यिक संचालन की शुरूआत की। नमो घाट पर आयोजित समारोह में सोनोवाल ने इसे स्वच्छ और टिकाऊ अंतर्देशीय जल परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह न सिर्फ तकनीकी प्रगति का प्रतीक है बल्कि यह दर्शाता है कि भारत हरित ऊर्जा और स्वदेशी समाधानों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि हाइड्रोजन ईंधन एक उभरती हुई तकनीक है, जो भविष्य में स्वच्छ एवं टिकाऊ ऊर्जा का बड़ा विकल्प बन सकती है।

इस तकनीक से जहाजों से गैस का उत्सर्जन लगभग नगण्य रहता है, जिससे यह पर्यावरण के लिए सुरक्षित समाधान का रूप ले सकती है। इस अवसर पर परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह, आयुष व एफ.एस.डी.ए. राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, स्टाम्प एवं कोर्ट शुल्क, पंजीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। 

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