Edited By Sarita Thapa,Updated: 18 Apr, 2026 02:39 PM

हिंदू धर्म में परशुराम जयंती को बहुत खास माना जाता है। परशुराम जयंती हर साल अक्षय तृतीया के दिन यानि वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस दिन विष्णु जी के छठे अवतार परशुराम जी की पूजा की जाती है।
Parshuram Jayanti 2026 : हिंदू धर्म में परशुराम जयंती को बहुत खास माना जाता है। परशुराम जयंती हर साल अक्षय तृतीया के दिन यानि वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस दिन विष्णु जी के छठे अवतार परशुराम जी की पूजा की जाती है। इस साल परशुराम जयंती 19 अप्रैल, 2026 को मनाई जाएगी। माना जाता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ परशुराम जी की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में आने वाली परेशानियां तो दूर होती है। साथ ही भय का भी नाश होता है। इस दिन पूजा और व्रत के साथ कुछ मंत्रों का जाप किए जाएं, तो विष्णु जी और माता लक्ष्मी की खास कृपा प्राप्त होती है। तो आइए जानते हैं कि इस दिन परशुराम जी के कौन से मंत्रों का जाप करें।
भगवान परशुराम जी के मंत्र
ॐ नमः परशुहस्ताय नमः कोदण्डधारिणे।'
'नमस्ते रुद्ररूपाय विष्णवे वेदमूर्तये।'
ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि।'
'तन्नो परशुराम: प्रचोदयात्।'
'ॐ रां रां ॐ रां रां परशुहस्ताय नम:।'
'कराभ्यां परशुं चापं दधानं रेणुकात्मजं।'
'जामदग्न्यं भजे रामं भार्गवं क्षत्रियान्तकं।'
'जमदग्निसुतो वीर क्षत्रियान्तकर प्रभो।'
'गृहणार्घ्यं मया दत्तं कृपया परमेश्वर।'
परशुराम जयंती पूजा विधि
परशुराम जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें।
उसके बाद पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें और भगवान परशुराम की तस्वीर रखें।
फिर परशुराम जी को पीले पुष्प, चंदन, तुलसी दल, धूप, दीप और मिठाई अर्पित करें।
इसके बाद उनके मंत्रों का जाप और ध्यान करें।
अंत में उनके समक्ष घी का दीपक जलाकर उनकी पूजा करें।
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