Edited By Sarita Thapa,Updated: 22 Apr, 2026 10:39 AM

गंगा सप्तमी का हिंदू धर्म में बहुत खास महत्व है। गंगा सप्तमी का पर्व वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मां गंगा धरती पर प्रकट हुई थीं।
Ganga Saptami 2026 : गंगा सप्तमी का हिंदू धर्म में बहुत खास महत्व है। गंगा सप्तमी का पर्व वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मां गंगा धरती पर प्रकट हुई थीं। माना जाता है कि इस दिन गंगा में स्नान करने और पूजा करने से मन की हर मनोकामना पूरी होती है और सभी पापों का नाश होता है। तो आइए जानते हैं गंगा सप्तमी के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-
Ganga Saptami 2026 date गंगा सप्तमी कब है?
वैशाख माह में के शुक्ल पक्ष की सप्तमी की शुरुआत 22 अप्रैल को रात 10 बजकर 49 मिनट पर होगी और इसका समापन 23 अप्रैल रात 8 बजकर 49 मिनट पर होगा। ऐसे में गंगा सप्तमी का पर्व 23 अप्रैल को मनाया जाएगा।
Ganga Saptami Shubh muhurat गंगा सप्तमी शुभ मुहूर्त
गंगा स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 20 मिनट से सुबह 05 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। वहीं, गंगा पूजन के लिए सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 01 मिनट से दोपहर 01 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।

Ganga Saptami puja vidhi गंगा सप्तमी पूजा विधि
गंगा सप्तमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है।
अगर गंगा में स्नान करना संभव न हो तो घर में ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
फिर तांबे के लौटे में गंगा जल लेकर सूर्य को अर्घ्य दें।
उसके बाद घर के मंदिर में बैठकर गंगा माता का ध्यान करें।
इस दिन गंगा माता के मंत्रों जैसे -“ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिणी नारायणी नमो नमः” का दजाप करें।
गरीब और जरूरतमंद लोगों को फल या वस्त्र का दान करें।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ