Edited By Sarita Thapa,Updated: 11 Feb, 2026 03:28 PM

स्टासबर्ग विश्वविद्यालय के प्रो.लुई पास्चर ने कुत्ते के काटने के इलाज की खोज की। वह विश्वविद्यालय के ही एक अधिकारी की बेटी को पसंद करते थे और उससे विवाह करना चाहते थे। लड़की और उसके माता-पिता की ओर से विवाह की मंजूरी मिल गई।
Louis Pasteur Story : स्टासबर्ग विश्वविद्यालय के प्रो.लुई पास्चर ने कुत्ते के काटने के इलाज की खोज की। वह विश्वविद्यालय के ही एक अधिकारी की बेटी को पसंद करते थे और उससे विवाह करना चाहते थे। लड़की और उसके माता-पिता की ओर से विवाह की मंजूरी मिल गई। निश्चित समय पर मित्र व संबंधी चर्च पहुंच गए, लेकिन पास्चर नहीं पहुंचे। कुछ लोग खुसर-पुसर करने लगे कि शायद पास्चर विवाह नहीं करेगा।
इतने में एक मित्र पास्चर की प्रयोगशाला में गया, तो देखा कि वह प्रयोग करने में अत्यंत व्यस्त थे। मित्र बोला-“यार हद हो गई, आज तो तुम्हारा विवाह है, चर्च में तुम्हारा इंतजार हो रहा है। बंद करो यह प्रयोग, यह तो बाद में भी हो जाएगा।”

पास्चर ने उसकी ओर देखे बिना ही कहा-“जरा रुको, कई दिनों से मैं जो प्रयोग कर रहा था, उसके परिणाम निकल रहे हैं। ऐसा न हो कि मेरी वर्षों की मेहनत बेकार हो जाए।”
पास्चर अपना प्रयोग पूरा करने के बाद ही चर्च के लिए रवाना हुए। उनकी शादी भी खूब धूमधाम से सम्पन्न हुई। महान कार्य यूं ही पूरे नहीं होते, उन्हें करने के लिए जरूरत पड़ने पर अपनी सर्वाधिक प्रिय व्यक्तिगत इच्छाओं को भी किनारे करना होता है।

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