Edited By Sarita Thapa,Updated: 06 Feb, 2026 12:50 PM

एक पिता अपने बेटे की गलत आदतों से बड़ा दुखी था। वह उसे कई बार समझा चुका था, लेकिन बच्चा बुरी आदतें छोड़ने को तैयार न था। एक दिन गांव में एक संत आए। संत लोगों की समस्याओं को सुनकर उसका समाधान करते थे।
Motivational Story : एक पिता अपने बेटे की गलत आदतों से बड़ा दुखी था। वह उसे कई बार समझा चुका था, लेकिन बच्चा बुरी आदतें छोड़ने को तैयार न था। एक दिन गांव में एक संत आए। संत लोगों की समस्याओं को सुनकर उसका समाधान करते थे। जब पिता को संत के बारे में पता चला तो वह भी उनसे मिला और अपने बेटे की समस्या बताई। संत ने पिता से कहा कि कल तुम अपने बेटे को मेरे पास बगीचे में भेजना। अगले दिन पिता ने अपने बेटे को संत के पास बताए गए बाग में भेज दिया।
बच्चा और संत दोनों बाग में टहलने लगे। कुछ देर बाद संत ने बच्चे को एक छोटा-सा पौधा दिखाया और पूछा कि क्या तुम इसे उखाड़ सकते हो। बच्चे ने कहा कि मैं इसे अभी उखाड़ देता हूं और बच्चे ने पौधा उखाड़ कर फैंक दिया। थोड़ी देर बाद संत ने बच्चे को थोड़ा बड़ा पौधा दिखाया और उसे उखाड़ने के लिए बोला। बच्चे ने पौधे को उखाड़ना शुरू किया तो उसे थोड़ी ज्यादा ताकत लगानी पड़ी, लेकिन उसने पौधा उखाड़ दिया। इसके बाद संत ने बच्चे को एक पेड़ दिखाया और कहा कि उसे उखाड़ दो।

बच्चे ने पेड़ का तना पकड़ा, लेकिन वह उसे हिला भी नहीं सका। बच्चे ने कहा कि इस पेड़ को उखाड़ना असंभव है। संत ने बच्चे से कहा कि ठीक इसी तरह बुरी आदतों को जितना जल्दी छोड़ देंगे, उतना अच्छा रहेगा। जब बुरी आदतें नई होती हैं तो उन्हें छोड़ना आसान होता है। लेकिन आदतें जैसे-जैसे पुरानी होती जाएंगी, उन्हें छोड़ पाना बहुत मुश्किल हो जाएगा। बुरी आदतों के कारण जीवन में दुख बढ़ता है अत: हमें अच्छी आदतें अपनानी चाहिएं। यह सुनकर बच्चे ने संत से क्षमा मांगी और भविष्य में बुरे काम न करने का संकल्प लिया।

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