Edited By Niyati Bhandari,Updated: 21 Aug, 2026 12:07 PM

महात्मा गांधी के अपने करीबी सहयोगी और स्वतंत्रता सेनानी आनंद टी. हिंगोरानी को लिखे गए 688 ऑटोग्राफ वाले विचारों (जिनमें सत्य, अहिंसा और सेवा जैसे विषय शामिल थे) के संग्रह को सैफ्रनआर्ट की नीलामी में 16.20 करोड़ रुपए में बेचा गया। यह नीलामी में बिके...
नई दिल्ली (एजैंसी): महात्मा गांधी के अपने करीबी सहयोगी और स्वतंत्रता सेनानी आनंद टी. हिंगोरानी को लिखे गए 688 ऑटोग्राफ वाले विचारों (जिनमें सत्य, अहिंसा और सेवा जैसे विषय शामिल थे) के संग्रह को सैफ्रनआर्ट की नीलामी में 16.20 करोड़ रुपए में बेचा गया। यह नीलामी में बिके किसी भारतीय ऐतिहासिक दस्तावेज के लिए एक विश्व रिकॉर्ड है।
हिंगोरानी की पत्नी विद्या के निधन के बाद 2 साल तक मार्गदर्शन, चिंतन और हौसला बढ़ाने वाले रोजाना हाथ से लिखे इन संदेशों को बाद में ‘ए थॉट फॉर द डे’ नाम की किताब में संकलित किया गया। खरीदार की पहचान का हालांकि खुलासा नहीं किया गया, लेकिन नीलामी घर ने कहा कि ‘खरीदार भारत का ही है और पांडुलिपि देश में ही रहेंगी।’
‘मैसेज ऑन गॉड’ (ईश्वर पर संदेश)-जिसमें ईश्वर और भगवद् गीता पर गांधी के विचारों से जुड़ी तीन संबंधित पांडुलिपियां और पत्र-व्यवहार शामिल हैं-1.68 करोड़ रुपए में बिका। नीलामी में शामिल निजी चीजों में गांधी का ‘पेटी चरखा’ और सूत कातने के आध्यात्मिक अनुशासन पर लिखे 2 पत्र शामिल थे, जिनकी कीमत 50-70 लाख रुपए आंकी गई थी। यह 1.02 करोड़ रुपए में बिके। गांधी जी की लिखते हुए एक हस्ताक्षरित तस्वीर 78 लाख रुपए में बिकी और आर्थिक स्वतंत्रता पर गांधी जी के पत्रों, टैलीग्राम और पोस्टकार्ड का एक सैट 57.60 लाख रुपए में बिका।