Edited By Sarita Thapa,Updated: 13 Aug, 2026 03:49 PM

ज्योतिष शास्त्र में भी नाग पंचमी का त्योहार न केवल धार्मिक दृष्टि से बहुत खास माना जाता है, बल्कि ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के लिहाज से भी यह दिन बहुत शुभ होता है। इस साल नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त, 2026 को मनाया जा रहा है।
Nag Panchami Lucky Zodiac Signs : ज्योतिष शास्त्र में भी नाग पंचमी का त्योहार न केवल धार्मिक दृष्टि से बहुत खास माना जाता है, बल्कि ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के लिहाज से भी यह दिन बहुत शुभ होता है। इस साल नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त, 2026 को मनाया जा रहा है। इस नाग पंचमी का पर्व एक दुर्लभ संयोग लेकर आ रहा है। इस पावन अवसर पर ग्रहों के राजा सूर्य देव अपना राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। सूर्य का यह गोचर कई राशियों के लिए शुभ रहने वाला है। लेकिन 3 ऐसी राशियां हैं, जिनके लिए सूर्य का यह गोचर किसी वरदान से कम साबित नहीं होने वाला है। तो आइए जानते हैं वे 3 राशियां कौन-सी हैं जिनकी किस्मत नाग पंचमी के इस महासंयोग से चमकने वाली है।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए नाग पंचमी बहुत खास रहने वाला है। व्यापार कर रहे लोगों को धन लाभ होने की संभावना है। दोस्तों के साथ कहीं बाहर घूमने जाने का प्लान बना सकते हैं। इस राशि छात्र उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने का प्लान बना सकते हैं। माता की सेहत में पहले से ज्यादा सुधार देखने को मिलेगा।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन शानदार रहने वाला है। बिजनेस कर रहे लोगों को कोई बड़ी डील हाथ लग सकती है। लव लाइफ में रोमांस की बहार छाई रहेगी। संतान पक्ष से कोई अच्छी खबर सुनने को मिल सकीत है। कानूनी मामले में फैसला आपके पक्ष में रहेगा।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए नाग पंचमी का पर्व बहुत उत्तम रहने वाला है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या सैलरी में बढ़ोतरी की खुशखबरी मिल सकती है। पैतृक संपत्ति से लाभ या किसी गुप्त स्रोत से धन की प्राप्ति हो सकती है। आपके आत्मविश्वास में जबरदस्त वृद्धि होगी, जिससे आप कठिन फैसलों को भी आसानी से ले पाएंगे।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए यह गोचर भाग्य के सितारे बुलंद करने वाला रहेगा। लंबे समय से चली आ रही आर्थिक तंगी या योजनाएं जो अधूरी थीं, वे अब गति पकड़ेंगी। जो छात्र विदेश जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं या विदेशी कंपनियों से व्यापार करते हैं, उन्हें कोई बड़ा सौदा या अवसर मिल सकता है। आय के अतिरिक्त स्रोत बनने से बैंक बैलेंस में बढ़ोतरी होगी।