Edited By Sarita Thapa,Updated: 19 Sep, 2026 08:29 AM

हिंदू धर्म में राधा अष्टमी का दिन राधा रानी की पूजा और कृपा प्राप्त करने के लिए बहुत खास माना जाता है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को श्री राधा रानी का प्राकट्य दिवस यानी राधा अष्टमी का महापर्व मनाया जाता है।
Radha Ashtami Mantras : हिंदू धर्म में राधा अष्टमी का दिन राधा रानी की पूजा और कृपा प्राप्त करने के लिए बहुत खास माना जाता है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को श्री राधा रानी का प्राकट्य दिवस यानी राधा अष्टमी का महापर्व मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण की पूर्ण कृपा और निष्काम प्रेम प्राप्त करने के लिए राधा रानी का आश्रय लेना अनिवार्य है। यदि आपके वैवाहिक जीवन में अनबन रहती है, मनचाहा जीवनसाथी पाने में बाधा आ रही है या प्रेम संबंधों में दूरी बढ़ गई है, तो राधा अष्टमी के पावन अवसर पर कुछ खास मंत्रों का जाप करना बहुच जरूरी है।
ॐ ह्रीं राधिकायै नमः।
यह राधा जी का सबसे सरल और प्रभावशाली मूल मंत्र है। यदि पति-पत्नी के बीच छोटी-छोटी बातों पर तनाव या झगड़ा होता है, तो राधा अष्टमी के दिन चंदन की माला से इस मंत्र की 3 माला का जाप करें। इससे आपसी मतभेद दूर होते हैं और रिश्तों में प्रेम बढ़ता है।
ॐ वृषभानुज्यै विद्महे, कृष्णप्रियायै धीमहि, तन्नो राधा प्रचोदयात्।
यह मंत्र राधा रानी और श्री कृष्ण की संयुक्त ऊर्जा को आकर्षित करता है। जो लोग अपने प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता लाना चाहते हैं या जिनका रिश्ता टूटने की कगार पर है, उन्हें इस दिन तुलसी की माला से इस मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे रिश्ते में विश्वास और आकर्षण बढ़ता है।

ॐ श्रीं राधायै कृष्णाय नमः।
यह अत्यंत सिद्ध और कामना पूर्ति का मंत्र है। यदि आपके विवाह में लगातार अड़चनें आ रही हैं या योग्य जीवनसाथी की तलाश पूरी नहीं हो रही, तो राधा अष्टमी की पूजा के समय पीले वस्त्र पहनकर इस मंत्र का 108 बार जाप करें और राधा-कृष्ण को माखन-मिस्त्री का भोग लगाएं।
तप्तकांचनगौरांगि राधे वृंदावनेश्वरी। वृषभानुसुते देवि प्रणमामि हरिप्रिये।
यह मंत्र मन के क्लेश और नकारात्मकता को समाप्त करता है। इस मंत्र का नियमित या राधा अष्टमी के दिन शाम के समय पाठ करने से घर में पारिवारिक क्लेश समाप्त होता है और पति-पत्नी दोनों के विचार एक-दूसरे से मिलने लगते हैं।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ