Edited By Sarita Thapa,Updated: 18 Sep, 2026 11:01 AM

हिंदू धर्म में राधा अष्टमी का दिन राधा रानी की कृपा प्राप्त करने और उनकी पूजा करने के लिए बहुत खास माना जाता है। इस साल राधा अष्टमी 18 सितंबर, 2026 शनिवार के दिन मनाई जाएगी।
Radha Ashtami Relationship Remedies : हिंदू धर्म में राधा अष्टमी का दिन राधा रानी की कृपा प्राप्त करने और उनकी पूजा करने के लिए बहुत खास माना जाता है। इस साल राधा अष्टमी 18 सितंबर, 2026 शनिवार के दिन मनाई जाएगी। दांपत्य जीवन या प्रेम संबंध में छोटी-मोटी अनबन होना बहुत आम बात है, लेकिन जब यही मनमुटाव रोज खटपट और दूरी में बदलने लगे तो मन अशांत हो जाता है। सनातन धर्म में श्री राधा रानी और भगवान श्री कृष्ण के प्रेम को निस्वार्थ, अलौकिक और अखंड प्रेम का उच्चतम प्रतीक माना गया है। राधा अष्टमी का दिन रिश्तों की कड़वाहट को दूर करने और आपसी प्रेम को फिर से जगाने के लिए सबसे सिद्ध दिन माना जाता है। तो आइए जानते हैं कि राधा अष्टमी के दिन कौन से उपाय करने चाहिए।
राधा-कृष्ण को अर्पित करें बांसुरी और चंदन
राधा अष्टमी के दिन पूजा के समय एक छोटी लकड़ी या चांदी की बांसुरी पर चंदन का लेप लगाएं और इसे राधा-कृष्ण के चरणों में अर्पित करें। इसके बाद इसे अपने बेडरूम में उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर लगा दें। यह उपाय पति-पत्नी या लव पार्टनर्स के बीच बार-बार होने वाले गुस्से, चिड़चिड़ेपन और बेवजह के विवादों को शांत करता है।
पीले फूलों और मिश्री का भोग लगाएं
राधा अष्टमी की पूजा के दौरान राधा जी और कृष्ण जी को ताजे गेंदे के पीले फूल चढ़ाएं और माखन-मिश्री का भोग लगाएं। पूजा समाप्त होने के बाद यह प्रसाद अपने जीवनसाथी या पार्टनर के साथ मिलकर ग्रहण करें। इस उपाय को करने से रिश्तों में कड़वाहट दूर होती है और मिठास बनी रहती है।

बेडरूम में रखें राधा-कृष्ण की संयुक्त तस्वीर
राधा अष्टमी के शुभ दिन पर अपने बेडरुम की दक्षिण-पश्चिम दिशा में मुस्कुराते हुए राधा-कृष्ण की एक सुंदर तस्वीर या पेंटिंग लगाएं। वास्तु के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम कोण घर में स्थायित्व और रिश्तों में मजबूती लाता है। राधा-कृष्ण का चित्र प्रेम और विश्वास का माहौल पैदा करता है।
केसर और हल्दी का तिलक लगाएं
राधा अष्टमी के दिन थोड़े से गंगाजल में चुटकी भर हल्दी और केसर मिलाकर राधा रानी के चरणों में रखें। पूजा के बाद इस तिलक को अपने और अपने साथी के माथे या नाभि पर लगाएं। यह उपाय कुंडली में शुक्र और बृहस्पति की स्थिति को मजबूत करता है, जिससे पार्टनर्स के बीच आकर्षण, समझ और परस्पर सम्मान दोबारा लौट आता है।
