Edited By Sarita Thapa,Updated: 30 May, 2026 03:25 PM

हिंदू पंचांग के अनुसार, जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में गोचर करते हैं, तो नौतपा की शुरुआत हो जाती है। नौतपा के 9 दिन सूर्य अपने प्रचंड रूप में होते हैं। हिंदू धर्म में नौतपा का विशेष महत्व है।
Rain in Nautapa Astro Meaning : हिंदू पंचांग के अनुसार, जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में गोचर करते हैं, तो नौतपा की शुरुआत हो जाती है। नौतपा के 9 दिन सूर्य अपने प्रचंड रूप में होते हैं। हिंदू धर्म में नौतपा का विशेष महत्व है। साल 2026 में नौतपा की शुरुआत 25 मई से हुआ था और यह 2 जून तक चलने वाला है। माना जाता है कि नौतपा के दौरान जितनी तेज धुप और गर्मी पडे़गी, आने वाला मौसम उतना ही अच्छा और बेहतर रहेगा। लेकिन वहीं अगर नौतपा के दौरान बारिश हो जाएं, तो ज्योतिष शास्त्र और मौसम विज्ञान दोनों के अनुसार, इसके गंभीर मायने होते हैं। तो आइए जानते हैं कि नौतपा में बारिश वरदान या आने वाले बड़े संकट किस तरफ संकेत देता है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, नौतपा में ज्यादा बारिश या बादलों का बने रहना सूर्य के प्रभाव को कमजोर कर सकता है। वहीं, मान्यताओं के अनुसार, यदि नौतपा के दिनों में गर्मी न पड़े तो आने वाले मौसम चक्र को प्रभावित कर सकते हैं। इसको पूरी तरह से धार्मिक ज्योतिषीय दृष्टिकोण से जोड़ा जाता है। दूसरी ओर, कई विद्वान इसे प्रकृति का सामान्य परिवर्तन भी मानते हैं। उनका कहना है कि मौसम का बदलता स्वरूप, वायुमंडलीय परिस्थितियां और जलवायु परिवर्तन भी इस तरह की घटनाओं के पीछे कारण हो सकते हैं। इसलिए केवल नौतपा में बारिश होने को किसी बड़े संकट का संकेत मान लेना उचित नहीं है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यदि नौतपा के पहले 6 दिनों में बारिश हो जाए, तो आगे आने वाले चार महीनों में मानसून कमजोर रह सकता है। अगर नौतपा में धरती नहीं तपेगी, तो समुद्र से पर्याप्त वाष्पीकरण नहीं होगा, जिससे आगे चलकर सूखा पड़ने या हीं बहुत ज्यादा बारिश तो कहीं बिल्कुल सूखा की स्थिति बन सकती है। यह देश की अर्थव्यवस्था और कृषि के लिए शुभ नहीं माना जाता। नौतपा में बारिश को लेकर अलग-अलग तरह की मान्यताएं मौजूद हैं। कुछ लोग इसे शुभ संकेत मानते हैं तो कुछ इसे मौसम में बदलाव का संकेत समझते हैं। लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि प्रकृति अपने नियमों के अनुसार, काम करती है और हर परिवर्तन अपने साथ कोई न कोई संदेश अवश्य लेकर आता है।

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