Edited By Ramkesh,Updated: 22 Jul, 2026 07:41 PM

भूखहड़ताल पर बैठे पर्यावरणविद और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की पत्नी, डॉ. गीतांजलि अंगमो ने पुलिस और विपक्षी सांसदों के डेलीगेशन से बात की, जो मेदांता हॉस्पिटल में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मिलने आए थे। हालांकि मेडिकल प्रोटोकॉल का हवाला देकर पुलिस ने...
नेशनल डेस्क: भूखहड़ताल पर बैठे पर्यावरणविद और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की पत्नी, डॉ. गीतांजलि अंगमो ने पुलिस और विपक्षी सांसदों के डेलीगेशन से बात की, जो मेदांता हॉस्पिटल में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मिलने आए थे। हालांकि मेडिकल प्रोटोकॉल का हवाला देकर पुलिस ने उन्हें सोनम वांगचुक से मिलने नहीं दिया गया। इसे नाजर सांसदों ने गेट पर ही धरने पर बैठ गए।
समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज ने कहा, "जब तक हमें उनसे मिलने का मौका नहीं मिलेगा, हम बैठे रहेंगे और चाहे रात हो या सुबह, हम उनसे मिलकर ही जाएंगे। हमें यह मेडिकल प्रोटोकॉल दिखाओ। हमसे पहले कई नेता आए, आपने उन्हें जाने दिया और हमारे लिए मेडिकल प्रोटोकॉल आया और पुलिस का हमारे प्रति रवैया बहुत गलत था और जब तक हमें मिलने का मौका नहीं मिलता, हम यहीं बैठे रहेंगे।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि इतिहास में पहली बार आपने सुना है कि पुलिस लोगों को अस्पताल में भर्ती मरीज़ से मिलने से रोक रही है। हम सोनम वांगचुक से मिलने आए हैं, जो अस्पताल में भर्ती हैं... 55 सांसदों ने इस लेटर पर साइन किए हैं और साइन करने के बाद, हम उनकी भूख हड़ताल तोड़ने की रिक्वेस्ट करते हुए एक लेटर लाए हैं। क्या ये लोग सोनम वांगचुक को मारना चाहते हैं? इस लेटर में लिखा है कि आपको अपना उपवास तोड़ देना चाहिए। आपकी सेहत और आपकी ज़िंदगी की अहमियत को देखते हुए, आपको अपना उपवास जारी नहीं रखना चाहिए। सोनम वांगचुक ने कहा था कि अगर देश के सांसद हमें भरोसा दिलाएं, तो वह अपना उपवास तोड़ सकते हैं। हमें यह लेटर देने की इजाज़त नहीं है, उनसे मिलने की इजाज़त नहीं है... जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिले और विपक्ष के इतने MP आए हैं फिर भी वे उन्हें उनसे मिलने नहीं दे रहे हैं।