Raksha Bandhan: भाई को राखी बांधने से पहले जानें, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Edited By Niyati Bhandari,Updated: 11 Aug, 2022 07:32 AM

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रक्षा बंधन का त्यौहार सावन महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है | इस बार रक्षा बंधन को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति निर्मित हो रही है |

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Raksha Bandhan 2022: रक्षा बंधन का त्यौहार सावन महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है | इस बार रक्षा बंधन को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति निर्मित हो रही है | जिसमें की कुछ लोग इसे 11 अगस्त को व कुछ 12 अगस्त को मना रहे हैं |

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Rakhi muhurat 2022 date and time: इस बार सावन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 11 अगस्त 2022  गुरुवार को सुबह 10:38 से लग जाएगी | जो कि अगले दिन यानी 12 अगस्त 2022 शुक्रवार को सुबह 07:05 तक पूर्णिमा तिथि रहेगी। धर्मग्रंथों तथा पुराणों में लिखा हुआ है कि रक्षा बंधन का महापर्व श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को ही होता है। इसमें अपराह्न व्यापिनी पूर्णिमा तिथि ली जाती है यानि जिस दिन पूर्णिमा 12 घंटे या इससे भी अधिक समय व्याप्त रहे। उस दिन रक्षा बंधन का पर्व मनाना चाहिए इसलिए रक्षा बंधन का पर्व तो 11 अगस्त 2022  गुरुवार को ही मनाना चाहिए यानि राखी बांधने के लिए आज का दिन सर्वोत्तम है |

पंचक में न करें शुभ कार्य: 12 अगस्त 2022 शुक्रवार को दिन में 2 बजकर 49 मिनट पर पंचक शुरू हो जाएंगे, जो की अगले आने वाले पांच दिन तक रहेंगे | धर्मग्रंथों के अनुसार, इस समय मांगलिक कार्य नहीं किए जाते | रक्षा बंधन को मनाने का सही दिन गुरुवार 11 अगस्त 2022 ही है |

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Raksha bhandhan puja vidhi पूजन विधि : रक्षा बंधन के दिन प्रातःकाल घर की साफ-सफाई, कार्य स्नान के बाद शुद्ध वस्त्र पहनें। इसके बाद चावल व आटे का चौक पूरकर पूजा स्थल पर कलश की स्थापना करें। फिर पूजा की थाली तैयार कर दीप जलाएं और थाली में रोली अक्षत, राखी और मिठाइयां रख लें। सबसे पहले अपने इष्टदेव की पूजा करें। उसके बाद भाई को आसन पर बिठाकर उनका तिलक करें । रक्षा बंधन पूजन पूर्वाभिमुख होकर यानि पूर्व दिशा में अपने भाई का मुख करके या बहन का मुंह पश्चिम में करके किया जाता है | सबसे पहले भाई के मस्तक पर तिलक लगाया जाता है। उसके सिर पर रूमाल रखा जाता है या वह टोपी भी पहन सकता है। खुले सिर राखी नहीं बंधवाना चाहिए।

धार्मिक मान्यता के अनुसार राखी बांधते समय बहन और भाई को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि भाई का मुंह दक्षिण दिशा में न हो। राखी बंधवाते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके ही राखी बंधवाना उत्तम होता है। इस दिन भाई को राखी बांधने से पहले राखी की पूजा करना न भूलें। राखी पर भाई को तिलक करने के लिए हमेशा साबुत चावलों का ही प्रयोग करना चाहिए।

मान्यता है कि राखी बंधवाने के बाद आज के दिन भाई बहनों को रक्षा का वचन और कुछ उपहार देते हैं । शास्त्रों के अनुसार रक्षाबंधन के दिन भाइयों को राखी बांधते समय रक्षा सूत्र का पाठ करना चाहिए।

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रक्षा सूत्र : - येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः | तेन त्वां मनुबध्नामि,  रक्षे मा चल मा चल।।

Raksha bandhan muhurat 2022 शुभ मुहूर्त : - हमारे धर्मग्रंथों और पुराणों में लिखा हुआ है कि भद्रा काल में राखी नहीं मनाई जानी चाहिए। इस बार भद्रा का आरंभ 11 अगस्त 2022 गुरुवार को सुबह पूर्णिमा के साथ ही हो रहा है। जो की रात को 8 बज कर 52 मिनट पर भद्रा समाप्त होगी | राखी बांधने का जो सर्वोत्तम व श्रेष्ठ मुहूर्त है वह रात को 08:52 बजे से आरंभ होगा जो कि देर रात तक निरंतर चलता रहेगा।

Acharya Pradiep Siingla
Astro-Numerologist & Vaastu Consultant
pradiepsiingla@gmail.com

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